अम्बुज कुमार, खबर सुप्रभात
आये दिन नहीं बल्कि हर दिन औरंगाबाद के जशोइया मोड़ पर पटना जाने वाले रोड पर जाम लगने के कारण अनुग्रह नारायण रेलवे स्टेशन से सफर करने वाले सैकड़ों यात्रियों की ट्रेनें छूट जा रही हैं। यह स्थिति कई दिनों से लगातार बनई हुई है जबकि सबकुछ जानते हुए भी प्रशासन कान में तेल डालकर सोया हुआ है। जाम लगने का सबसे मुख्य कारण

यह है कि जशोइया स्थित श्री सीमेंट प्लांट में प्रतिदिन हजारों ट्रकों का आना जाना होता है। ट्रक वाले जब रात में पहुंचते हैं तब वे श्री सीमेंट के आसपास रोड पर ही गाड़ी खड़ी कर सो जाते हैं। यह नजारा रोड के दोनों किनारों पर होता है। इन ट्रकों के द्वारा रोड पर अतिक्रमण कर देने से केवल एक गाड़ी आने जाने का रास्ता बच जाता है। ऐसी स्थिति में जब कोई गाड़ी सामने से आ जाती है तब जगह न होने के कारण जाम लग जाता है। यह सड़क जिले का दूसरा सबसे ब्यस्ततम सड़क है, ड्राइवर जाम से बचने के लिये जबतक अपनी गाड़ी को आगेपीछे करता है तबतक उसके पीछे सैकड़ों गाड़ियों का जमावड़ा लग जाता है।
इस जाम को जानबूझकर अंजाम देने वाले ड्राइवर तो सोए रहते हैं जबकि खामियाजा दूसरे लोग भुगतते हैं।
उल्लेखनीय है कि औरंगाबाद से शुबह के समय सैकड़ों की तादाद में पटना जाने के लिये छोटी बड़ी गाड़ियां चलती हैं जिसमें भारी मात्रा में जरूरी कार्यों से लोग पटना जाते हैं। पटना जाने वाले सवारियों को भी देरी हो जाने से सफर कैंसिल कर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आये दिन औरंगाबाद से पटना के लिये सैकड़ों रोगी भी जाते हैं उन्हें भी इस परेशानी की झेलना पड़ रहा है।
सबसे बडी समस्या तो ट्रेन से दूर का सफर करने वाले यात्रियों को हो रहा है जो महीनों पहले ट्रेन में रिजर्वेशन करवाते हैं और बड़ी मुश्किल से कन्फर्म टिकट मिलने के बाद ट्रेन ही छूट जा रही है। जिले के जानेमाने पर्यावरण विद और सोसल वर्कर राज कुमार सिंह ने बताया कि मैं पिछले दिनों अनुग्रह नारायण स्टेशन से जोधपुर राजस्थान जा रहा था। हावड़ा जोधपुर ट्रेन सुबह सवा सात बजे आती है पर मैं जाम में फंस गया। पैसेंजर बस को छोड़ किसी मोटरसाइकिल वाले का मदद लिया तो पहुंच गया। हमारा टिकल एसी बोगी में था। जब मेरे पास टिकट जाँच करने टीटी आया तो वह बड़ा आश्चर्य से पूछा कि आप कैसे आ गए। टीटी ने मुझसे बताया कि आज औरंगाबाद से एसी में छे सवारी बुक थे जिसमें केवल आप आये। टीटी ने बताया कि ऐसा हर रोज हो रहा है कि टिकट तो बुक है पर पैसेंजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य स्लीपर में तो कम से कम बीस पच्चीस लोग रोज चढ़ते हैं पता नहीं उनमें कितने की गाड़ी छूटी होगी।
सामान्य श्रेणी से फर्स्ट एसी तक कि बात करें तो एक ट्रेन में यहां लगभग एक सौ लोग चढ़ते हैं जिनमे से आधे से अधिक लोगों की गाड़ियां छूट जा रही हैं। गौरतलब है कि यह जाम रात के दो ढाई बजे के आसपास शुरू होता है और सुबह नौ से दस बजे तक रह जाता है। इसी समय अनुग्रह नारायण रेलवे स्टेशन से सबसे अधिक गाड़ियां गुजरती हैं। कोलकाता एक्सप्रेस, पटना इण्टरसिटी एक्सप्रेस, शिप्रा एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, बीकानेर एक्सप्रेस, हावड़ा जोधपुर एक्सप्रेस, हावड़ा मुम्बई मेल, पूर्वा एक्सप्रेस आदि कई गाड़ियां इसी समय गुजरती हैं और इसी समय जाम भी लगा होता है। कई बार तो इस जाम के कारण जीटी रोड पर भी जाम लग जा रहा है जो कभी कभी दस दस किलोमीटर तक का हो जाता है। श्री सिंह बताते हैं कि श्री सीमेंट प्लांट की जिम्मेदारी है कि वह अपने यहां से ढुलाई करने वाले ट्रकों को खड़ा करने का जगह दे पर वह सभी ट्रकों को वह जगह नहीं देता है इस कारण ट्रक चालक अपनी गाड़ी को रोड पर ही खड़ा करके सो जाते हैं। जिला प्रशासन को सीमेंट फैक्ट्री पर दबाव डालकर इस ब्यवस्था को सुधार करवाना चाहिये पर प्रशासन कान में तेल डालकर सोया हुआ है। इससे शक होता है कि जिला प्रशासन और सीमेंट प्लांट के मालिक या मैनेजर में सांठगांठ है।
