नीतीश सरकार में करप्शन क्राईम और कौमिनल से समझौता नहीं का सच आया सामने, दोषी नीतीश नहीं तो लालू कैसे? छोटे छोटे घोटाला व भ्रष्टाचार का प्रमाण मेरे पास भी, आखिर सुनेगा कौन? जहां गोदी मिडिया का भरमार है
आलोक कुमार के कलम से बिहार में 2005 से नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार चल रही थी। सता के मलाई चाभने का लत उन्हें इतना जड़ मजबूत हो चुका था कि सत्ता के लिए उन्हें सभी राजनैतिक नैतिकता को ताख पर रखकर कभी महागठबंधन तो कभी एनडीए का दामन थाम्हते रहे और सभी को […]



