नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट
नवादा जिले के अंतर्गत कौआकोल प्रखंड के योगाचक उच्च विद्यालय रोड वार्ड संख्या 03 में ट्रांसफार्मर कई दिनों से जले रहने के चलते कतरीबन एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति पूर्णतः बंद है।लिहाजा बेकाबू होते पीड़ित व परेशान ग्रामीणों का सातवें आसमान छूती आक्रोश कल फूट पड़ा। तंगोतबाह ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर योगाचक मोड़ के नजदीक कौआकोल – नवादा मुख्य पथ को 06 घंटों तक जाम कर दिया। बिजली विभाग और बिहार सरकार के खिलाफ गंगाभेदी नारेबाजी का दौर चलता रहा। सड़क जाम के कारण सड़क के दोनों किनारे वाहनों की लम्हड़ कतारें लग गईं।उस पथ को करीब सुबह 6 बजे से 12 बजे पूरी तरह आवागमन बाधित रहा।प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बताया कि जले ट्रांसफार्मर के चलते कई दिनों से पूरे मोहल्ले की बिजली आपूर्ति पूर्णतः ठप थी। बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी बिजली विभाग के कानों पर जू तक नहीं रेंगा। विभाग द्वारा समय पर उचित कारवाई नहीं किए जाने से पीड़ित लोगों में दिनोदिन गुस्सा व नाराजगी बढ़ती गई। बिजली नहीं रहने से पहले तो गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न मुंहवाये खड़ी है। बच्चों की पढ़ाई,उसके भविष्य दैनिक घरेलू कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ने से काफी दिक्कतें हो रही थी।सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच कर आक्रोशित को समझा बुझाकर तत्काल नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रशासन बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर नया ट्रांसफार्मर मंगवाकर सड़क जाम खत्म करवाया गया।इसके बाद उस मार्ग पर वाहनों का परिचालन सामान्य हो सका।उपभोक्ताओं की शिकायत है कि कृषि कार्य के लिए बिजली विभाग द्वारा अलग से एक नए ट्रांसफार्मर नहीं लगाने के कारण घरेलू उपयोग एवं कृषि कार्यों के लिए एक ही ट्रांसफार्मर से कार्य लेना पड़ रहा है। इसी वजह से ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक भार पड़ता हैं और बराबर यहां ट्रांसफार्मर ही जल जाया करता है। ग्रामीणों का कहना है कि कृषि कार्य और घरेलू कार्यों के उपयोग के लिए अलग-अलग ट्रांसफार्मर की व्यवस्था बिजली विभाग द्वारा कर दिया जाए तो समस्या का स्थाई सटीक निदान संभव है।
हिसुआ में 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप, विरोध में सड़क जाम। हिसुआ और नरहट प्रखंड के दर्जनों गांवों में पिछले 24 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति से पूर्णतः बंचित रहने के कारण गुस्साए लोगों ने हिसुआ-नवादा मुख्य सड़क स्टेट हाईवे 8 को घंटों तक जाम कर दिया।
सड़क जाम की सूचना पर अधिकारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंच कर सड़क जाम कर रहे आक्रोशित लोगों को बहुत समझाने का अथक प्रयास किया, लेकिन लोग बिजली विभाग द्वारा लिखित आश्वासन को लेकर बिल्कुल अड़ गए। लोगों ने बताया कि हिसुआ के बिजली विभाग के अधिकारियों के जनविरोधी गैरजिम्मेदाराना रवैए के चलते विद्युत चरमरा गई है। पिछले 24 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति पूर्णतः ठप है।सड़क जाम होने के चलते सड़क के दोनों किनारे वाहनों की लंबी कतार लग गई।आसपास के यात्रीगण अपने वाहनों से उतरकर पैदल अपने गंतव्य की ओर जाते दिखे, जबकि लंबी दूरी के यात्री सड़क जाम समाप्त होने की प्रतीक्षा करते रहे। समाचार प्रेषण तक हिसुआ पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी गुस्साए लोगों को मनाने में जुटे रहे।गौरतलब है कि हिसुआ में औसत से कम वर्षा होने और अनियमित बिजली आपूर्ति की कटौती से क्षेत्र के किसान काफी चिंतित और बेहद परेशान दिखाई दे रहे हैं। आषाढ़ माह के अंत हो जाने के बाद भी अनुपात के अनुसार वारिस नहीं होने के कारण क्षेत्र के किसानों के लिए आज बिजली ही एक मात्र सहारा है। लेकिन बिजली कुछ वर्षों से बिजली विभाग के अधिकारियों की घोर क्रूर अमानवीय असहनीय लापरवाही के चलते इलाके में प्रत्येक दिन कोई ना कोई बहाना बनाकर या फिर मेंटेनेंस के नाम पर घंटों तक बिजली आपूर्ति गुल या ठप कर दी जा रही है, जिसके कारण कृषि कार्य और घरेलू कार्यों में काफी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके खामियाजा मासूम निरीह किसान के साथ बिजली उपभोक्ता भुगतने के लिए विवश और लाचार हैं।

