पुलिस की निष्क्रीयता से गयी विकास की जान, वरना आज जींदा होता

मदनपुर से सुनील कुमार सिंह की रीपोर्ट


मंगलवार की रात्री 10 बजे मदनपुर के कचहरी रोड़ में दिलीप कुमार वर्मा के परिवार वालों नें गली से विकास कुमार ( मृत ) को जबरन पकड़कर अपनें घर में घुँसा लिया और दरवाजा ( मेन गेट ) बंद कर उपरी तल्ला पर ले जाकर लाठी – डंडे एवं लोहे की रॉड से मार – मार कर हत्या कर दिया । शोर एवं चिल्लानें की आबाज बाहर नहीं सुनाई दे, इसके लिए घर वालों नें तेज आबाज में डीजे बजाना शुरू कर दिया । प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा शोर किए जानें पर गाँव वालों नें

विकास का फाईल फोटो

सैंकड़ो की संख्या में दिलीप कुमार वर्मा के घर को चारो तरफ से घेर लिया, तथा जोर – जोर से मेन गेट को पिटकर खोलवानें लगे । लोग जोर – जोर से चिल्ला रहे थें कि विकास कुमार को जान मारनें के लिए दिलीप कुमार वर्मा का सभी परिवार मिलकर घर के अंदर ले जाकर मार – पिटाई कर रहा है । बचाओ – अरे! कोई तो बचाओ।तभी किसी नें 112 नम्बर को डॉयल कर दिया । मौके वारदात पर पुलिस आकर निष्प्राण हो चुके विकास के शरीर को टाँगकर बाहर निकाला ।अभी जींदा है, बच सकता है । यह कहते हुए ईलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मदनपुर ले गयी । पुलिस का कहना है कि अस्पताल ले जानें के क्रम में रास्ते में ही विकास की मौत हो गयी । विकास की मौत के पिछे कई सवाल खड़े हो रहे हैं । सूत्रों की मानें तो विकास की मौत दिलीप कुमार वर्मा के घर में ही काफी मार – पिटाई के क्रम में गंभीर चोट की वजह से हो चुकी थी । मृत विकास का सर काफी फटा हुआ था, हाँथ एवं पैर टुट चुके थें। पुलिस नें पब्लिक को उग्र होनें से रोकनें के लिए यह कहा कि विकास अभी जींदा है, जल्दी से ईलाज के लिए हॉस्पिटल ले चलिए । बच जायेगा, जवकि वह बिल्कुल ही मर चुका था । विकास की मौत से दो दिन पूर्व ही दिलीप कुमार वर्मा के घर में दिन के उजाले में ही विकास घुँस गया था । दिलीप कुमार वर्मा के लड़कों नें इसकी मार – पिटाई करते हुए मदनपुर थाना में ले जाकर सौंपा था, तथा घटना की जानकारी दी थी । मदनपुर पुलिस नें दिनभर विकास को थानें में रखा तथा संध्या होते ही चेतावनी देकर छोड़ दिया । अगर इसी समय गलत नियत से किसी के घर में घुँस जानें के आरोप में जेल भेज देती तो आज विकास जींदा होता । सूत्रों की मानें तो विकास की जान एकतरफा प्रेम प्रसंग के कारण गवाँनी पड़ी है। सूत्र यह भी बताते हैं कि मृत विकास मानसिक बिमारी से ग्रस्त था जिसका ईलाज राँची के काँके स्थित किसी मानसिक आरोग्यशाला से काफी दिनों से चलता आ रहा था । दो – चार दिनों में फिर से दिमागी ईलाज हेतु राँची परिवार वाले ले जानें वाले थें,कि इसी बिच मंगलवार की रात्री में दिलीप कुमार वर्मा के घर में परिवार वालों नें मिलकर काफी बेरहमी से मार – पिटाई कर हत्या कर दिया। बतातें चलें कि मौके बारदात से जिला फोरेंसिक टीम नें हत्या में प्रयुक्त लाठी डंड़े एवं लोहा के रॉड को भी जप्त कर लिया है । छत से मृतक ( विकास ) के खुन के नमुनें भी जाँच के लिए एकत्रीत किए हैं।