केन्द्रीय मंत्री के खुलासे से ही एक्सपोज हुई मोदी सरकार? ED पर मोदी एक्सपोज


आलोक कुमार संपादक सह निदेशक, खबर सुप्रभात


केन्द्र सरकार के वित राज्य मंत्री संजय चौधरी ने राज्य सभा में E D द्वारा किए गए कारवाई का जो आंकड़े पेश किए हैं उससे सरकार को कठघरे में खड़ा करने के लिए प्रयाप्त ठोस उपलब्ध है। सीपीएम के राज्यसभा सांसद ए एम रहिम ने सरकार से राज्य सभा में सवाल किए थे कि 10वर्षो के अंदर भिन्न भिन्न राज्यों में MP- MLA के विरुद्ध कितने मामले

आलोक कुमार, संपादक सह निदेशक ख़बर सुप्रभात

दर्ज हुए हैं और कितने लोगों के विरुद्ध कन्वेक्शन (सज़ा) हुए हैं? जब कोई भी सदस्य सदन में सरकार से सवाल पुछता है तो सरकार को जबाव देना मजबुरी होता है। चाह कर भी सरकार जबाव देने से बच नहीं सकती है। सरकार जो जबाव देती है वह जिम्मेवार जवाब होता है इसलिए कि उसका सरकारी रिकॉर्ड रहता है। केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री संजय चौधरी ने जो सरकार की ओर से राज्य सभा में जबाव दिये हैं वह मोदी सरकार को एक्सपोज कर दिया है। जबाव में जो आंकड़े पेश किया गया है उसमें 95 प्रतिशत विपक्षी नेताओं और MP-MLA के विरुद्ध ED द्वारा मामला दर्ज किया गया है। आंकड़े बताते हैं कि अभी तक मामले में कन्वेक्शन (सजा) दर मात्र 01 प्रतिशत है। आंकड़े के अनुसार वर्ष 15-16 में 10 मामला दर्ज हुआ जिसमें अभी तक कन्वेक्शन एक भी मामले में नहीं हुआ,16-17 में 14 मामला दर्ज हुआ जिसमें कन्वेक्शन मात्र 01में हुआ,17-18मे 07 मामला दर्ज हुआ जिसमें कन्वेक्शन एकभी नही हुआ, 18-19मे 11मामला दर्ज हुआ जिसमें कन्वेक्शन एकभी नही,19-20 में 26 मामला दर्ज हुआ जिसमें कन्वेक्शन 01 हुआ,20-21मे 27 मामला दर्ज हुआ जिसमें कन्वेक्शन एक भी नहीं,21-22 में 26मामला दर्ज हुआ जिसमें कन्वेक्शन एकभी नही,22-23 में 32मामला दर्ज हुआ जिसमें कन्वेक्शन एकभी नही,23-24मे 27 मामला दर्ज हुआ जिसमें कन्वेक्शन एकभी नही,24-25 में 13मामला दर्ज हुआ जिसमें कन्वेक्शन एक भी नहीं। जानकारी के अनुसार सीबीआई द्वारा भी जो कारवाई की गई है उसमें 95 प्रतिशत मामलों में भी नतीजा अभी तक फिसीडी रहा है। आश्चर्य तो यह है कि आज गोदी/दरबारी मीडिया में मोदी जी का फोटो चिपकाकर कोई खबर चैनलों पर नहीं चल रहा है कि मोदी जी यह क्या हो रहा है? मोदी जी कहते हैं कि 144 करोड़ जनता हमारे हैं लेकिन उन्हीं जनता द्वारा चुने गए विपक्ष के प्रतिनिधियों और नेताओं पर सरकारी दमन जारी है। जबकि लगभग 25 वैसे MP-MLA और नेताओं की फ़ौज है जिनके विरुद्ध कार्रवाई की गई लेकिन जब वे भाजपा में शामिल हुए तो वाशिंग मशीन में साफ़ सुथरा हो गये। इतना ही नहीं वे भाजपा सरकार में बड़े बड़े ओहदे पर बैठ गए तथा भाजपा के पोस्टर ब्वॉय बन गए हैं।