केन्द्रीय न्यूज डेस्क ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
आलोक कुमार के कलम से
त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ की मौत 20 जूलाई 2026( सोमवार )को अगरतल्ला स्थिति पुलिस मुख्यालय में रहस्यमय ढंग से हो गई थी। मौत के बाद जब त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री मणिक सरकार और नेता प्रतीपक्ष (त्रिपुरा विधान सभा ) उनको देखने पहुंचे तो देखने नहीं दिया गया। यह एक गंभीर मामला है। तथा अनेकों सवाल खड़ा कर रहा है। आखिर मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतीपक्ष को नहीं देखने दिया गया तो सवाल उठेंगे ही। उल्लेखनीय है कि अनुराग धनखड़ उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के निवासी थे और बेहद तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी के रूप में जाने जाते थे।1984 के सिख दंगों की जांच के लिए बने SIT के प्रमुख भी रहे तथा PNBघोटाले (नीरव मोदी केस )की जांच का भी नेतृत्व किये थे। लेकिन 20जूलाई 2026 को कार्यकाल के दौरान अगरतल्ला स्थिति पुलिस मुख्यालय में रहस्यमय ढंग से मौत न सिर्फ पुलिस महकमा बल्कि पुरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना है कि तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी की मौत का गुत्थी सुलझेगा या फिर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और नेता जी सुभाष चन्द्र बोस जैसे इतिहास बन कर रह जायेगा।


