अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा
औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा प्रखंड अंतर्गत चिरैयाटांड़ गांव में इन दिनों पेयजल संकट से ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है। कारण भारत माला परियोजना के तहत बन रहे एक्सप्रेस-वे निर्माण हेतु 250 फीट बोर दो बोर किया गया है। फलस्वरूप जल स्तर काफी नीचे चला गया है। जल स्तर नीचे चले जाने से गांव में लगे चपाकल जबाब दे दिया है। नल-जल योजना के तहत यहां कोई जलापूर्ति के ब्यवस्था अभी तक नहीं किया गया है। ऐसे में ग्रामीणों को इस भिषण संकट से जूझना पड़ रहा है। इसका सर्वाधिक मार पशु पक्षी को झेलना पड़ रहा है। लेकिन स्थानीय शासन प्रशासन अनजान बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों को तो सिर्फ वोट के वक्त चिरैयाटांड़ गांव याद रहता है और प्रशासन तनाशाही तथा मनमानी में मसगुल रहा करते हैं। ग्रामीण राजकुमार सिंह ने सरकार एवं जिला प्रशासन से पेयजल संकट से निपटने के लिए गुहार लगाते हुए कहे है कि यदि सरकार और जिला प्रशासन इसके लिए तत्परता नहीं दिखायेगा तो एक दिन ग्रामीणों के समक्ष भीषण स्थिति उत्पन्न हो जायेगा।


