औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
दाउदनगर थाना क्षेत्र के शमशेर नगर और अरई गांव में जहां सहयोग शिविर चल रहा था वहीं कालेब जारी हेतु पीकअप वाहन से सैंकड़ों बोरा खाद का परिवहन किया जा रहा था। अधिकारियों द्वारा पकड़े जाने पर वाहन सहित खाद को दाउदनगर थाना लाया गया है। जानकारी के अनुसार वगैरह किसी कागजात के वाहन से खाद का परिवहन कालेबजारी नहीं तो और क्या हो सकता है? संवाद लिखे जाने तक वाहन मालिक व चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज अभी तक हुई है या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिली है। बताते चलें कि पिछले साल जूलाई – अगस्त में भी शमशेर नगर पैक्स का खाद किसानों के बजाय काले बजारों में बेचने के लिए भेजा जा रहा था और शमशेर नगर के ग्रामीणों ने पिछा कर अमौना – नोनार गांव में पकड़ा और दाउदनगर पुलिस के हवाला कर दिया था। काफी हंगामा हुआ लेकिन जानकारी के अनुसार सभी तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं किया गया। कहावत है कि जब दुध से मुंह जलता है तो मठ्ठा भी फुंक कर पीते हैं। इसी वजह से ग्रामीणों को संदेह उत्पन्न हो रहा है कि इस बार भी कहीं मामला ठंडे बस्ते में न पड़ जाए और जांच कहीं भ्रष्टाचार का भेंट न चढ़ जाये। चुके बिहार में अभी भ्रष्टाचार और ब्यूरोक्रेट्स बहुत बड़ा चेहरा बना हुआ है।


