पटना संवाद सूत्र ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
बिहार प्रदेश कांग्रेस में लगभग एक वर्ष से जारी अंतर्कलह थमने के बजाय घमासान और तेज हो गया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह कुटुम्बा के पूर्व विधायक राजेश राम व प्रदेश प्रभारी कृष्णा अलावरु को हटाने की मांग को लेकर पार्टी में सैंकड़ों नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है तथा इसी क्रम में 8 सितंबर को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इन्दिरा भवन पर एक दिवसीय धरना दिया तथा केन्द्रीय नेतृत्व को

मांग पत्र सौंपा। धरना के बाद अब कांग्रेस के उन सभी नेताओं को बिहार कांग्रेस के अनुशासन समिति द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए अबतक जानकारी के अनुसार औरंगाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह सहित प्रदेश के भिन्न-भिन्न जिलों के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को शोकोज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। जिससे यह साफ़ जाहिर होता है कि बिहार कांग्रेस में जारी घमासान और तेज हो गया। हालांकि 8 सितंबर के पूर्व औरंगाबाद के वर्तमान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह पूर्व विधायक आनंदशंकर ने खबर सुप्रभात को एक साक्षात्कार के दौरान कहे थे कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है और सभी को अपना मांग रखने का अधिकार है। जो लोग आज एआईसीसी कार्यालय पर धरना देने का एलान किया है वे भी हमारे ही लोग हैं और समय रहते सब-कुछ ठीक हो जाएगा। शोकोज नोटिस जारी होने के बाद कांग्रेस में जारी घमासान मानें तो केन्द्रीय नेतृत्व के समक्ष एक असमंजस का स्थिति उत्पन्न हो गई है और पार्टी को इस अंतर्कलह से निपटने के लिए एक गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

