जेल में बंदियों के साथ हो रहे अन्याय से न्यायिक पदाधिकारी हैं अनभिज्ञ


औरंगाबाद ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा


औरंगाबाद मंडल कारा में बंदियों के साथ हो रहे अन्याय और जेल अधीक्षक डॉ दीपक कुमार के संरक्षण में स्थापित अघोषित रूप से इंस्पेक्टर राज और चल रहे दर्जनों प्राइवेट होटल , प्रतिबंधित समाग्री जैसे खैनी (तम्बाकू)और गांजा के बिक्री, बंदियों से श्रम करवाना और आर्थिक दोहन करने का मामला क्या न्यायिक पदाधिकारी गण को भी जानकारी नहीं है? यदि नहीं तो फिर बंदियों को आख़िर न्याय कैसे मिलेगा और इसके लिए जिम्मेवार जेल अधीक्षक डॉ दीपक कुमार पर अंकुश कैसे लगेगा। जानकारी के अनुसार जेल में जब भी किसी तरह का बाहरी जांच जाता है तो पहले ही जेल प्रशासन और जेल अधीक्षक को जानकारी कैसे मिल जाया करता है और इसके लिए जिम्मेवार कौन है? जानकारी के अनुसार भाकपा (मार्क्सवादी ) के जिला सचिव कपिल कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सभी स्थित से औगत कराते हुए उच्चस्तरीय जांच कराने नहीं तो आंदोलन का चेतावनी तक दिये थे। लेकिन दुर्भाग्य है कि जिलाधिकारी द्वारा भी पत्र को अभी तक जानकारी के अनुसार नज़र अंदाज़ किया गया है और जेल में बंदियों के साथ पूर्व के भांति अन्याय जारी है। फलस्वरूप माकपा अब जेल प्रशासन के विरुद्ध आंदोलनात्मक कारवाई का पृष्टभूमि तैयार करने में सक्रिय हो गई है। वहीं कांग्रेस के वरीय नेता धिरेन्द्र कुमार सिंह ने भी जेल प्रशासन के निरंकुशता और बंदियों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध नाराजगी जताते हुए कहे कि यदि बेलगाम हो रहा जेल प्रशासन और जेल अधीक्षक के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी जेल अधीक्षक डॉ दीपक कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने में असफल साबित होने और बंदियों को न्याय नही होने पर जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे और इसके लिए जिम्मेवार जिला प्रशासन और जेल प्रशासन होगा।