मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप निर्माण में लापरवाही


औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा


बिहार में मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना जून 2025 में लागू हुआ था। औरंगाबाद जिले में इस योजना का क्रियान्वयन में अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के लापरवाही का आलम यह है कि जिले में अतिमहत्वाकांक्षी योजना का निर्माण अभी तक अधर में लटका हुआ है। जिले में कूल 93 पंचायत है। जिसमें अभी तक जानकारी के अनुसार पहले चरण में 46 पंचायतों में कन्या विवाह मंडप के लिए मंजूरी मिली थी जिसमें जानकारी के अनुसार अभी तक 40 कन्या विवाह मंडप का निर्माण अधुरा है। पुनः दुसरे चरण में 47 कन्या विवाह मंडप का मंजूरी मिली है और मीट्टी जांच का अभी कार्य चल रहा है। इस अतिमहत्वाकांक्षी योजना का निर्माण मंद गति से चलने का मूल कारणों क्या है और इसके लिए जिम्मेवार कौन हैं यह भी जिला प्रशासन को तय करना चाहिए। जिला प्रशासन को जिम्मेदारी तय कर वैसे लोगों के विरुद्ध कठोर क़दम उठाने तथा अविलम्ब निर्माण कार्य पुरा कराने के दिशा में क़दम उठाना चाहिए। बताते चलें कि बिहार सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना का मूल उद्देश्य है कि ग़रीब बेटियों को शादी में कोई परेशानी नहीं हो लेकिन औरंगाबाद जिले में योजना अभी तक पुरा नहीं होने दर्शाता है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारियों में कोई दिलचस्पी नहीं है।