संवाद सूत्र ओबरा (औरंगाबाद ) खबर सुप्रभात समाचार सेवा
औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंचायत परिहार आज स्थानीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के उपेक्षा का दंश झेल रहा है। फलस्वरूप परिहार गांव बरसात के शुरुआती दिनों में ही नरक में तब्दील हो गया है। गांव में मुख्य रास्ता किचड़ में में तब्दील हो गया है तथा नाली व वर्षा का पानी बह रहा है। इसी रास्ते से होते हुए बच्चे स्कूल जा रहे हैं तथा ग्रामीण भी निकल रहे हैं यदि

स्थिति यही रहा तो गांव में संक्रमण से जानलेवा बिमारी भी फैलने का खतरा से इंकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन इसकी चिंता न तो स्थानीय प्रशासन को है और नहीं जनप्रतिनिधियों को। जनप्रतिनिधियों को तो केवल चुनाव में ही परिहार गांव याद आता है। चुनाव बाद न तो कोई नेता और नहीं जनप्रतिनिधि यहां सुधी लेने आते हैं। त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर स्थानीय विधायक और सांसद के प्रति भी ग्रामीणों में असंतोष व गुस्सा व्याप्त है। ग्रामीण बताते हैं कि सुशासन व सभी को न्याय और विकास के दावे का तो पोल खुल ही रहा है साथ ही जनवादी व लोकतांत्रिक मूल्यों का दम्ह भरने वाले भाकपा (माले) के सांसद राजाराम सिंह को भी कथनी और करनी उजागर हो रहा है।

