औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
औरंगाबाद जिले के चाल्हो पहाड़ तथा जिले के दक्षिणी क्षेत्रों के घने जंगलों व पहाड़ी इलाकों में पहले नक्सलियों का बंदुक गर्जता था। नक्सलियों के पैरलल शासन हुआ करता था और जन अदालत लगाकर फैसला किया जाता था। लेकिन अब वहीं शराब निर्माण और अफ़ीम के खेती बड़े पैमाने पर हो रहा है। लगातार इन इलाकों में अवैध शराब कारोबारियों का अड्डा बने रहने का मामला प्रकाश में आते रहा है तथा अफ़ीम के खेती भी विनष्ट किये जाने का ख़बर पुष्टि करता है कि इन इलाकों में अभी भी अवैध धंधा चल रहा है। आज से एक – दो दिन पूर्व कंचनपुर थाना क्षेत्र के सत नदिया में पुलिस द्वारा छापेमारी कर कई अवैध शराब के भट्ठी ध्वस्त करने क़रीब दस हजार लीटर जावा महुआ तथा सैंकड़ों लीटर महुआ शराब बरामद कर यथावत विनष्ट किया गया है। समय – समय पर इन इलाकों में अवैध रुप से अफ़ीम के खेती होने का भी मामला प्रकाश में आते रहा है और पुलिस इसे विनष्ट करते रही है। जानकारी के अनुसार इन जंगल और पहाड़ी इलाकों से लेकर झारखंड के घने जंगलों में भी यही हालात है। अपना नाम नहीं छापने के शर्तों पर इन इलाकों के दर्जनों ग्रामीण बताते हैं कि अवैध शराब निर्माण और अफ़ीम के खेती स्थानीय पुलिस के सांठ-गांठ से ही होता है। इन ग्रामीणों को मानें तो स्थानीय पुलिस सेट है और माहवारी तय कमिशन जो लोग समय पर नहीं पहुंचाते हैं उनके अफ़ीम के फ़सल को नष्ट किया जाता है और शराब के भट्ठी ध्वस्त किया जाता है और तब पुलिस अपना उपलब्धि लेखाकार कारवाई का आंकड़ा भी पुरा कर लेती है। ग्रामीणों को मानें तो सब-कुछ जानते हुए भी अपना मुंह नहीं खोला पाते हैं, मुंह खोलने पर पुलिस भी टारगेट कर तंगो तबाह करती है तथा अवैध शराब कारोबारियों द्वारा भी टारगेट किया जाता है। लेकिन जब इसकी जांच गुप्त रूप से सरकार उच्च स्तरीय कराये तो सच्चाई प्रकाश में आयेगा कि मामला क्या है।


