पुछता है भारत, हमला के लिए जिम्मेवार कौन?


आलोक कुमार के कलम से


देश की सरकार यह दावा कर रही है कि भारत में राष्ट्रीय एकता और अखंडता से कभी समझौता नहीं होगा। सरकार सबसे पहले देश की सीमाओं पर चाक चौबंद सुरक्षा का इंतजाम कर चुकी है।देश के राष्ट्रीय बजट का मोटी राशि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए खर्च किया जा रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार हमेशा पीछले सरकार कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते रहा है कि कांग्रेस

आलोक कुमार, संपादक सह निदेशक खबर सुप्रभात

सरकार देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता और अखंडता को हिफाजत करने में कमजोर साबित होते रहा है। कांग्रेस सरकार में मुस्लिम तुष्टिकरण को ज्यादा तवज्जो मिला है तथा हिंदुओं को कम तवज्जो मिला है। लेकिन यदि गौर करें तो पुरी हमला,कारगील हमला, अमरनाथ हमला, पुलवामा हमला,अक्षर धाम, पठानकोट हमला, कंधार IC814(जहाज)संसद हमला, कश्मीरी पंडितों और हिंदुओं का पलायन भाजपा सरकार के दौरान हुए हैं। मतलब भाजपा व आरएसएस के दावे पर कितना भरोसा और विश्वास किया जा सकता है,आज पुछता है भारत का एक एक नागरिक। सबसे पहले तो आश्चर्य इस बात के लिए हो रहा है कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों का हृास गुणात्मक ढंग से हो रहा है, स्वतंत्र जांच एजेंसी सरकारी कठपुतली बनकर रह गया है। जो विपक्ष में है उनको नाहक जांच एजेंसियों के माध्यम से परेशान किया जा रहा है।जो लोग सरकार के कमजोरियों और असफलताओं के विरुद्ध बोल या लिख रहे हैं तो उन्हें फर्जी मुकदमा देखाकर नजायज गिरफ्तारी और टेबल वर्क अनुसंधान कर जेल के सलाखों में डाल दिया जा रहा है। सरकार के मुखिया कहते हैं कि न खाऊंगा और न खाने दुंगा, मैं न तो किसी को फंसाते हैं और न बचाते हैं। लेकिन हाल के दिनों में जिन लोगों पर बड़े बड़े घोटाला और भ्रष्टाचार का आरोप लगा और खुद सरकार के मुखिया यह कहते नहीं थकते थे कि ऐसे लोग जेल में चक्की पीसींग -पीसींग करेंगे तो फिर भाजपा सरकार में मुखिया कैसे बन गए आज पुछता है भारत। बिहार में हाल के दिनों में चारा घोटाला से कई गुना ज्यादा टेंडर घोटाला हुआ और घोटालेबाजों को विदेश यात्रा कराया जा रहा था और सरकार के मुखिया को भनक भी नहीं लगा तो क्यों न पुछे सरकार से भारत का बच्चा-बच्चा? बिहार में इन दिनों बंगला और कुर्सी और सुरक्षा के मानकों पर बहस छिड़ी हुई है। विपक्षी नेताओं लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी,तेज प्रताप और तेजस्वी को सुरक्षा और बंगला खाली कराया जा रहा है लेकिन सत्ता पक्ष के लोग जो सरकारी बंगलों में अवैध रूप से जमे हुए हैं उनको बंगला से कब हटाया जायेगा। पुछता है भारत।