गोल्ड मेडल की बौछार को बटोरने में झड़ी लगा दी संजीत सचदेवा

डीके अकेला का रिपोर्ट


नवादा जिले के गुदड़ी में छिपे लाल ने अपने अद्वितीय अनोखे कमाल से जिले वासियों को अचंभित कर दिया। जिले के सारे रिकॉर्ड को चकनाचूर कर अग्रिम कतार में खड़े हो गए हैं। जय हो नवादा के लाला के गगन भेदी नारों से पूरे नगर वो गांव एकाएक गुंजायमान हो उठा। ख़ुशी की बहार आ गई। उमंगों की तरंगे बेहद विचित्र था। चारों ओर गोल्ड मेडलिस्ट सचदेवा की चर्चा की बाजार काफी गर्म है।


सच्चे पसीने की सोने जैसी चमक:- 8 साल की तपस्या, 7 महीने का कड़ा इम्तिहान और नवादा के संजीत सचदेवा ने रच दिया इतिहास! “शौक तो बहुत लोग पालते हैं, लेकिन इतिहास वही रचते हैं जिनके रगों में खून नहीं, बल्कि अनुशासन और जिद दौड़ती है।”
बिहार के नवादा जिले के एक छोटे से शहर हिसुआ से निकलकर, बेंगलुरु के चमचमाते नेशनल स्टेज पर देश के सबसे बड़े नेचुरल बॉडीबिल्डिंग कॉम्पिटिशन ICN (I Compete Natural) 2026 में दोहरे सोने (Double Gold) पर कब्जा करना कोई इत्तेफाक नहीं है। यह कहानी है हिसुआ के व्यवसायी श्री अनूप कुमार के सुपुत्र संजीत सचदेवा की, जिन्होंने अपनी फौलादी इच्छाशक्ति और अटूट अनुशासन से पूरे देश के सामने यह साबित कर दिया कि बिना किसी शॉर्टकट या स्टेरॉयड के भी दुनिया जीती जा सकती है। 8 साल का मौन संन्यास: जब पसीना बन रहा था फौलाद आज जब लोग संजीत के गले में चमकते हुए दो-दो गोल्ड मेडल देख रहे हैं, तो वो सिर्फ आज की सफलता देख रहे हैं। लेकिन इस सोने की चमक के पीछे छुपा है 8 साल का वो कड़ा इन्तजार और जिम की चारदीवारी में बहाया गया समंदर भर पसीना। पिछले 8 सालों से संजीत ने बिना किसी तामझाम के, बिना किसी शोर-शराबे के, एक साधु की तरह जिम को अपना मंदिर माना। जहां आज की युवा पीढ़ी चंद महीनों में बॉडी बनाने के लिए खतरनाक और शॉर्टकट रास्तों को चुन लेती है, वहीं संजीत ने एक कसम खाई थी— “शरीर बनेगा तो सिर्फ मेहनत और सच्चाई के दम पर।” उन्होंने पूरी तरह से नेचुरल रहकर (Natural Bodybuilding) अपने मस्कुलर और सिमिट्रिकल फ्रेम को तराशा।
7 महीने का वो ‘अग्निपथ’ और कोच का साथ
जब संजीत ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित नेचुरल बॉडीबिल्डिंग फेडरेशन ICN India के नेशनल स्टेज पर उतरने का फैसला किया, तो मुकाबला आसान नहीं था। आईसीएन का मतलब ही है—कड़ा डोप टेस्ट, पॉलीग्राफ टेस्ट और देश के सर्वश्रेष्ठ एथलीट्स से टक्कर।
इस सफर का सबसे मुश्किल दौर था पिछले 7 महीनों का डेडीकेशन और सख्त डाइट (Prep Diet)।
उबलता हुआ खाना, नाप-तोल कर ली गई कैलोरीज।
जब पूरी दुनिया सोती थी, तब संजीत कार्डियो और वेट ट्रेनिंग में खुद को झोंक रहे थे। हर वो सामाजिक कार्यक्रम, मीठा और स्वादिष्ट खाना छोड़ दिया गया, जो इस लक्ष्य के बीच आ सकता था। इस बेहद मुश्किल और मानसिक रूप से थका देने वाले सफर में संजीत के सारथी बने कोच दीपेन देबनाथ (ICN PRO एथलीट और मशहूर फिटनेस इन्फ्लुएंसर)। कोच दीपेन ने संजीत की प्रतिभा को सिर्फ पहचाना ही नहीं, बल्कि इन 7 महीनों की जानलेवा तैयारी में उनका हाथ थामे रखा। जब भी संजीत का मनोबल डगमगाया, कोच दीपेन के मार्गदर्शन, मोटिवेशन और सटीक साइंटिफिक ट्रेनिंग ने संजीत को एक तराशे हुए हीरे में बदल दिया। बेंगलुरु 2026: जब हिसुआ का शेर स्टेज पर दहाड़ा
बेंगलुरु में आयोजित ICN India National Competition 2026 का स्टेज सज चुका था। देश भर से आए सैकड़ों नेचुरल एथलीट्स अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे। लेकिन जैसे ही संजीत सचदेवा स्टेज पर आए, उनकी बॉडी की थिकनेस (मोटाई), शार्प वैस्कुलरिटी और क्लासिक एस्थेटिक्स ने जजों को अपनी तरफ खींच लिया।
संजीत ने अपने सबसे मजबूत पोज ‘Side Chest’ और ‘Back Double Bicep’ से स्टेज पर ऐसा जादू बिखेरा कि मुकाबला एकतरफा हो गया। परिणाम जब आया, तो पूरा हॉल संजीत के नाम से गूंज उठा:

श्रेणी (Category)स्थान (Result)
ICN Men’s Classic Physique First Timer Class 1🥇 GOLD MEDAL
Men’s Classic Physique First Timer Class 1🥇 GOLD MEDAL

एक नहीं, बल्कि दो-दो गोल्ड मेडल! बेंगलुरु की धरती पर बिहार के इस लाल ने इतिहास रच दिया था।
नेचुरल बॉडीबिल्डिंग का नया पोस्टर बॉय
संजीत सचदेवा की यह जीत सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है। यह जीत है हर उस युवा की जो बिना किसी सप्लीमेंट के गलत इस्तेमाल या शॉर्टकट के अपनी बॉडी बनाना चाहता है। संजीत ने साबित कर दिया है कि अगर आपके पास सही कोच का मार्गदर्शन, 8 साल की कंसिस्टेंसी (निरंतरता), और 7 महीने का पागलपन जैसा अनुशासन हो, तो आप देश के किसी भी बड़े मंच पर तिरंगा लहरा सकते हैं।
हिसुआ से लेकर बेंगलुरु तक का यह सफर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा कि फिटनेस का असली मतलब सेहत को गंवाना नहीं, बल्कि संयम और त्याग से खुद को फौलाद बनाना है। सलामी है संजीत की इस जिद को, सलाम है कोच दीपेन की इस पारखी नजर को शुक्रिया!