औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
मगध विश्वविद्यालय अंतर्गत 2025-26 में हुए सहायक प्रोफेसर/अतिथि शिक्षकों की बहाली में धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप औरंगाबाद निवासी डॉ० अम्बिका प्रसाद ने लगाते हुए न्यायिक जांच कराने का मांग बिहार के कुलाधिपति सह राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किये हैं। उन्होंने पत्र के प्रति राज्य के शिक्षा मंत्री, कुलपति मगध

विश्वविद्यालय तथा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना को भी भेजे हैं। जिसमें कम मार्क्स वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति ज्यादा मार्क्स वालों को नज़र अंदाज़ करते हुए किये जाने का जिक्र किये हैं। उन्होंने पत्र में उल्लेख किये है कि नियुक्ति के लिए मोटी राशि का वसुली अभ्यार्थियों से किया गया है और जो जो लोग मोटी राशि के रूप में चढ़ावा नहीं चढ़ा सके वैसे लोगों को दरकिनार कर दिया गया और योग्यता तथा अनुभवी को तरजीह न देते हुए कम मार्क्स तथा अनुभवी हीन अभ्यार्थियों को मोंटी राशि चढावा के रूप में वसुली कर सहायक प्रोफेसर/ अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त कर दिया गया है। उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किये है कि धांधली व भ्रष्टाचार के महाखेल में कौन-कौन से लोग शामिल थे और कौन-कौन लोग संरंक्षण दे रहे थे उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच एजेंसी अथवा न्यायिक जांच से खुलासा होगा।