अम्बा (औरंगाबाद ) ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा विधानसभा क्षेत्र में पीडीएफ़ द्वारा राशन वितरण में बहुत ही बारीकी से घोटाला वर्षों से जारी है और ग़रीब, दलित व असहाय लोगों के साथ हकमारी हो रहा है जो सर्वत्र चर्चा ही नहीं बल्कि कटु सत्य है। इसके अलावा अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों का सूची अभी तक प्रकाशित नहीं होना, सूची में नाम शामिल करने के नाम पर बिचौलियों द्वारा पैसा के उगाही करने का

मामला भी चर्चा में है। जो दलित समुदाय से आते हैं और रिश्वत नहीं देने के कारण सूची में वर्षों से नाम शामिल नहीं किया जा रहा है, एससी-एसटी एक्ट के तहत फर्जी मुकदमा को हथियार बना कर समाज में विषाक्त वातावरण तैयार कर रहे हैं और दलित प्रतिनिधि दलितों की योजनाओं को लूटने का सहारा के रूप में एससी-एसटी एक्ट का दुरपयोग कर रहे हैं तो इन सवालों पर कुटुम्बा के स्थानीय जनप्रतिनिधि व राजनीतिक दलों के नेता आखिर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। दलितों का राशन घोटाला करना क्या अत्याचार नहीं है, प्रधानमंत्री आवास योजना से जरुरतमंद दलित समुदाय के सदस्य जो वर्षों से भटक रहे हैं क्या यह दलितों के साथ घोर अन्याय नहीं है? एससी-एसटी एक्ट का फर्ज़ी मुकदमा क्या यह घोर अपराध नहीं है। यह सब सवाल आज भी समाज के सामने खड़ा है और अपेक्षा है कि कुटुम्बा के जनप्रतिनिधियों तथा राजनीतिक दल के नेताओं अपना चुप्पी तोडे और समाज में सब का विकास और सभी को न्याय दिलाने का कार्य करें। उक्त बातें माकपा के जिला सचिव कपिल कुमार सिंह ने औपचारिक बातचीत में मिडिया से कहे तथा इसके साथ ही वर्षो पूर्व कुटुम्बा विधानसभा क्षेत्र में दलित एवं भूमिहीनों को अवास एवं कृषि योग्य भूमि का पर्चा सरकार द्वारा दिया गया था लेकिन आज भी दबंगों द्वारा उक्त भूमि को अपने कब्जे में रखे हुए हैं तथा पर्चा धारी लोग अपने ही पर्चा से प्राप्त जमीन पर मजदूरी करने के लिए मजबूर और लचार हैं इसके लिए भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा राजनैतिक दल के नेताओं को आगे आने का आह्वान माकपा सचिव ने किया।