शांति और भाईचारे के माहौल में नवादा शहर में निकला मुहर्रम का शानदार ताजिया जुलूस अखाड़ों ने दिखाए करतब एवं कर्बला में अकीदतमंदों ने दिल से मनाया मातम

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट


नवादा जिले में आज बड़े ही धूमधाम एवं तामझाम से  या हुसैन के नारों से गूंजा पूरे शहर एवं कर्बला में पारंपरिक तरीके से हुई पहलाम। कर्बला के मैदान में अकीदतमंदों ने दिल की गहराई से मनाया मातम। मुहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था का चाक चौबंद प्रशासनिक पहरा था । पुलिस प्रशासन मुस्तैदी से चौकस दिख रही थी। ऊपर से सीसीटीवी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था थी। बड़े आकर्षक ताज़िए बनाने में हिंदू कारीगरों का अहम योगदान से कभी भी इंकार नहीं किया जा सकता है।शांतिपूर्ण,भाईचारे व उत्साह के माहौल में पारंपरिक तरीके से सम्पन्न व हुआ सफलतापूर्वक ताजिया जुलूस एवं पहलाम। पूर्वाह्न करीब 8-9 बजे नगर के सभी ताज़िए का जुटान पार नवादा के कब्रिस्तान में हुआ, जिसमें दर्जनों ताज़िए एकजुट शामिलात थे।कब्रिस्तान से पुनः अपराह्न तकरीबन 4 बजे नगर में एकजुट होकर तमाम ताजिया का जुलूस काफी भव्य,आकर्षक व प्रेरणादायक था।देश-विदेश की आधुनिकतम कला कृतियों के सुसज्जित समावेश से अत्यधिक मनमोहक दिख रहा था। मोहम्मद शाह या अल्ला पाक के अनुयायियों ने ताजिया जुलूस के दौरान एक से एक बहुमूल्य फातिया ,आकर्षक करतब का शानदार जलबा बिखेरकर दर्शकों को झकझोर कर बेहदआत्ममुग्ध कर दिया। इसके बाद अंततोगत्वा तमाम ताज़िए का निश्चित स्थान कर्बला में अकीदतमंदों ने दिल से मातम मनाते विसर्जित कर दिया गया। छिटफुट मामूली घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण माहौल में जनतांत्रिक तरीके से सफल व सम्पन्न हुआ। सबसे बड़े आश्चर्य चकित करने वाली बात तो यह है कि अतरी प्रखंड में कुल सात ताज़िए का जुलूस निकला, जिसमें पांच ताज़िए तो हिंदुओं द्वारा निर्मित है। ताजिया जुलूस में मुस्लिमों से अधिक संख्या में हिंदु शामिल होकर गंगा यमुनी तहजीब की अनमोल एकजुटता का ऐतिहासिक अद्भुत नजारा व मिशाल पेश कर सब लोगों को अचंभित कर दिया।