डीके अकेला की रिपोर्ट
पेपर लीक में तकरीबन डेढ़ करोड़ छात्राओं व युवाओं के जिंदगी से साथ क्रूर खिलवाड़ कर नरक में तब्दील कर दिया गया है। दर्जनों छात्रों ने तो खुदकुशी करअपने जीवन लीला को अलविदा कह दिया है। अभी और कितनी आत्महत्याएं होगी,यह तो भावी दिनों इसका प्रत्यक्ष व पुख़्ता गवाह होगा। सुनियोजित साजिशपूर्ण तरीके से सरकार प्रायोजित पेपर लीक के जरिए छात्रों-युवा मासूमों के बहुमूल्य जिंदगी व सुनहरे भविष्य के साथ घोर जघन्य अपराध कर मौत के मुंह में बेशर्मी से ढकेल दिया गया है। लेकिन, यहां शिक्षा माफियाओं ने पेपर लीक बदले सॉल्वर गैंग यानी सही अभ्यर्थियों की जगह भाड़े पर दस-दस रुपए में लाए गए फर्जी परीक्षार्थियों के जरिये मेधावी छात्रों के जिंदगी को बर्बाद करने पर निर्लज्जता से उतारू हैं। कैसी विडंबना है ?
ज्ञात हो कि नीट पुनर्परीक्षा में पुख़्ता सुरक्षा व्यवस्था के दावे के बीच लखीसराय में बड़े संगठित शातिर भडुआ सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने सॉल्वर गैंग के 9 फर्जी परिक्षार्थी छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जो दूसरों के नाम पर परीक्षा देने दस लाख रुपए की सौदे पर आए थे। बिहार में अब तक इस संगठित गैंग के भाड़े पर आए करीब 31 फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गैंग के सबसे ज्यादा 7 शातिर लखीसराय से केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्र से पकड़े गए हैं।
पुलिस का कहना है कि पकड़े गए छात्रों में ज्यादातर दिल्ली, बीएचयू, रायबरेली, पीएमसीएच और एम्स जैसे मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हैं। पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थियों के नाम-पता का सत्यापन चल रहा है।एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय से ही किसी ने पुलिस को सूचना दी थी कि बायोमैट्रिक मशीन बंद कर कुछ अभ्यर्थियों को भीतर प्रवेश दिया जा रहा है। इसके बाद सॉल्वर गैंग पकड़ा गया है। बायोमैट्रिक प्रक्रिया से जुड़ी एजेंसी भी जांच के दायरे में आ गई है। एजेंसी के कुछ कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सभी आरोपी बार – बार अपना नाम और पहचान बदलने की कोशिश कर रहे हैं। डीएम शैलेन्द्र कुमार एवं एसपी प्रेरणा कुमार ख़ुद आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं। दूसरी ओर, बिहार राज्य के 35 शहरों में लीक नीट पेपर की पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई।