नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट
नवादा जिले के सिरदला प्रखंड के खटानगी पंचायत के पोखरियाकोल गांव में 17 जून को सीपीआईएम से जुड़े बिहार राज्य किसान सभा की अंचल कौंसिल की बैठक तेज़ तरार संघर्षशील का.रामेश्वर तुरिया की अध्यक्षता में शानदार तरीके से सफल एवं सम्पन्न हुआ। उक्त महत्वपूर्ण बैठक व मौके पर आयोजित सभा का संचालन युवाओं के धड़कन का. युवराज सिंह यादव किसान सभा के अंचल सचिव ने किया। बिहार राज्य किसान सभा द्वारा आयोजित अंचल कौंसिल की उक्त बैठक में सर्वसम्मति से निर्विरोध यह ऐतिहासिक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि अंचल के प्रत्येक गांवों में किसान सभा की ईकाई होना निश्चित किया गया है। साथ ही बेलगाम व भ्रष्ट वन विभाग की काली करतूतें और असहनीय पीड़ा-ज्यादती समेत अमानवीय भद्दा दुर्व्यवहार पर भी गहन व सघन गरमा गरमी चर्चा जबर्दस्त हुई।जमकर बहसे व मंथन का लम्हर दौर चला। बैठक में उपस्थित तमाम लोगों की उत्साहवर्धक सक्रियता ने उन्हें सफलता के असली हकदार साबित कर दिया है।
अंचल कौंसिल की बैठक में उपस्थित तमाम लोगों ने एक स्वर में खुलेआम बताया कि यहां पेयजल संकट विकराल रौद्र रूप धारण कर लिया है। पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पेयजल खातिर लोग त्राहिमाम में हैं। बैठक में मौजूद सबों ने एकजूट स्वर से तिलैया नदी पर पुल निर्माण करने की तत्काल सख्त आवश्यकता पर पुरजोर ज़ोर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के जुझारू,वरिष्ठ व कर्मठ किसान नेता सह जिला सचिव रामयतन सिंह ने कहा कि जगजाहिर है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। पर, यहां कृषि की दुर्दशा सबसे बेहद दयनीय,दर्दनाक एवं हृदयविदारक सर्वविदित है। यह विचित्र विडंबना है कि किसानों को आज लागत मूल्य भी वापस नहीं हो पा रहा है।सुखाड़ और दाहाड़ पर काबू पाने में सरकार की विफलता के कारण किसानों लागत मूल्य भी वापस नहीं हो पा रहा है। उपज के लाभकारी मूल्य से बंचित रहने की वजह से किसान आजतक फलहत नहीं पा रहा है।किसानों की बदहाली के अनगिनत कृत्रिम कारण है।कृषि उपकरण,संयत्र,खाद,दवा यादि के आसमान छूती कीमत ने किसानों की रीढ़- कमर तोड़ कर रख दी है। इसी वजह से आज सम्पन्न किसान मध्यम, मध्यम किसान गरीब व गरीब किसान भूमीहीन के कतार में खड़े होने के लिए डबल ईंजन की सरकार ने मजबूर कर दिया है। इसी कारण आज किसानों का ध्यान कृषि पर कम और दूसरे घंधा की ओर ज़्यादा बढ़ता जा रहा है।सभा को संबोधित करते हुए नवादा जिला के वरिष्ठ सीपीआईएम के सचिव दानी विद्यार्थी ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी और कॉर्पोरेट पूंजीपतिपरस्त नीतियों ने कृष और किसानों को उपेक्षित कर भारतीय अर्थ व्यवस्था की कमर तोड़कर पंगु बना दिया है। इसी की खामियाजा यहां के किसानों समेत देशवासियों को भुगतना पड़ रहा है। इसी के साथ किसान सभा के कार्यकारी मंत्री विपिन कुमार, सीपीआईएम के सक्रिय कार्यकता डॉ गणेश कुमार और लड़ाकू का.देवानंद कुमार ने आयोजित जनसभा को गर्मजोशी के साथ संबोधित किया। तमाम वक्ताओं ने ज़ोर देते हुए कहा कि आज की इस मौजूदा स्थिति में प्राथमिकता के बतौर एक समझौताहीन जुझारू किसानों व मजदूरों की संगठित संघर्ष मुक्ति के आखिरी रास्ता तथा अंतिम विकल्प है। समस्याएं तो अनंत हैं, लेकिन एकता और क्रांतिकारी संघर्ष ही मुक्ति का एक मात्र उपाय है।


