अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा
अनुग्रह नारायण रोड़ रेल स्टेशन से औरंगाबाद जिला मुख्यालय को रेल लाइन से जोड़ने के लिए 26 जून 2024 स्वीकृति मिली थी। परियोजना को जून 2028 तक पुरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था और इसके लिए 440 करोड़ रुपए का बजट भी बनाया गया था।मात्र 12.9.6किलोमिटर का परियोजना सरकार और जिला प्रशासन के उदासीनता के कारण अभी तक निर्माण कार्य शुन्य है। परियोजना निर्माण के लिए पहला चरण भूमि अधिग्रहण से प्रारंभ होता है लेकिन अभी तक मात्र 35 हेक्टेयर भूमि भी सरकार और जिला प्रशासन द्वारा अधिग्रहीत नहीं किया जा सका है। दो वर्ष में जब भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा सका है तो फिर आज से मात्र दो वर्ष में परियोजना का निर्माण पुरा हो जायेगा इस पर संसय बना हुआ है। परियोजना के स्विकृती के बाद से अभी तक कार्य शून्य है तो क्या इसके लिए जिम्मेवार कौन है? यह एक बड़ा सवाल जिलावासियों के समक्ष खड़ा हो रहा है। क्या सरकार और जिला प्रशासन जिम्मेवार लोगों के प्रति कोई ठोस कार्रवाई करेगा या फिर केवल परियोजना का स्वप्न दिखा कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करते रहेगी। दुसरा सवाल यह उठता है कि आखिर इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपना जवाबदेही पुरा किया है या नहीं यह भी गंभीर सवाल है। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष सभी ने इस प्रस्तावित परियोजना को नजरंदाज किया है। फलस्वरूप परियोजना अभी तक पुरा नही हो सका।
