दीपू की मौत की कीमत महज 10 रुपए,सड़क जाम,लोग बड़े परेशान, प्राथमिकी दर्ज, तीन गिरफ्तार, मामूली विवाद में दीपू की मौत

नवादा से डीके अकेला की रीपोर्ट


यह कहने में आज हर कोई को हिचक या अतिशयोक्ति नहीं है कि आए दिन बिहार व खासकर नवादा जिले में अनगिनत संवेदनशील आपराधिक घटनाओं की जबर्दस्त तांता व झड़ी लग गई है। अपराधियों का मनोबल बढ़ाने के पीछे मुख्य मूल कारण पुलिस प्रशासन का नग्न सह व संरक्षण भी मिलना है । जिले के अंतर्गत एक से एक बेहद संगीन और हृदयविदारक रोम सिहरा देने वाली अमानवीय कारनामों को बेरहमी और बेशर्मी से क्रूर अंधाधुन अंजाम दिया जा रहा है,जो सर्वविदित कड़वी सच है। जिले के अंतर्गत नारदीगंज बाजार में * महज 10 रुपए के मामूली विवाद में दीपू को हमेशा के लिए मौत के मुंह में ढकेल दिया।* एक हंसते-खेलते खुशी परिवार पर दुखों का हिमालय पहाड़ सा एकाएक कठोर कृत्रिम संकट ला खड़ा कर दिया है।
विदित हो कि नारदीगंज बाजार निवासी प्रदीप लाल के 31 वर्षीय पुत्र दीपू लाल को महज 10 रुपए के मामूली विवाद में सर पर रॉड से हमला कर सदा के लिए मौत की नींद सुला दी। दीपू लाल के ईलाज के दौरान डॉक्टर ने उन्हें पटना में मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद लोगों में भयंकर दहशत और आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित मृतक दीपू के परिजनों और स्थानीय व ग्रामीणों ने नारदीगंज चौक पर टायर जला कर राजगीर – बोधगया सड़क को लगभग घंटों तक जाम रखा। उग्र आक्रोशित आंदोलनकारी शव को परिजनों को शीघ्र सौंपने, मुख्य नामजद आरोपित की अविलंब गिरफ्तारी और सरकार प्रदत उचित मुआवजा की मांग पर अड़े व डटे रहे। मृतक आश्रित पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई है। इधर, सड़क जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी राहुल कुमार और नारदीगंज थानाध्यक्ष राजेश कुमार भारी पुलिस बल दल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा- बुझाकर तथा त्वरित न्याय का भरोसा परोसकर जाम को हटवाया। इसके बाद गया जी राजगीर रोड में वाहनों का परिचालन दुबारा शुरू किया गया। घोर परेशान आम लोगों ने और खासकर यात्रियों ने राहत की सांस ली। वहीं पर, जख्मी दीपू की मौत के बाद नारदीगंज थाना में मृतक के पिता प्रदीप लाल के लिखित बयान पर प्राथमिकी कांड संख्या : 208/2026 दर्ज की गई है।
मुख्य कातिल आरोपित अरमान मियां की गिरफ्तारी हेतु छापेमारी : इस संदर्भ में नारदीगंज थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि उक्त मामले में मुख्य आरोपी अरमान मियां पिता मो.असगर मियां सहित कुल सात लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है।बढ़ते जनआक्रोश के दबाव के चलते पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुन्नी खातून एवं अख्तर उर्फ़ बड़ैल दर्जी और असगर मियां को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।ऑयल मुदालय अरमान मियां समेत अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा सघन व गहन छानबीन और छापेमारी की जा रही है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की पुरजोर तैनाती की गई है। संवाद प्रेषण तक दीपू की लाश नारदीगंज पटना से नहीं पहुंचा था। परिवार के लोग शव आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। बीते दिन दीपू ने स्थानीय दुकान से 8 बजे रात में दालमोट खरीदने के दरम्यान मात्र 10 रुपए को लेकर विवाद हुआ था। दीपू ने नारदीगंज बाजार में भूंजा या दालमोट खरीदने गया था। उसने दुकानदार अरमान मियां को 20 रुपए दिए, लेकिन दुकानदार ने सिर्फ़ 10 रुपए ही मिलने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बर्चस्व में तब्लील हो गया। मृत दीपू के परिजनों ने यह आरोप लगाया कि सिर्फ़ 10 रुपए के मामूली विवाद के बहाने लाठी- डंडों से बेरहमी से पीट- पीटकर दीपू को बुरी तरह अधमरा कर दिया गया। उसे गंभीर हालत में ईलाज हेतु पटना रेफर कर दिया गया था, जहां ईलाज के दौरान ही दीपू ने दम ने तोड़ दिया। एसपी- डीएसपी ने घटना स्थल पर पहुंच कर ली जानकारी और दोनों पक्षों से शांति सौहार्द बनाने की मार्मिक अपील भी की। घटित घटिया घटना की संवेदनशीलता के मद्देनजर नवादा पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान, डीएसपी राहुल कुमार, एसडीओ अमित अनुराग, बीडीओ सोनिया ढनढनिया तथा अंचलाधिकारी रईस आलम ने घटनास्थल पर पहुंच कर मौजूदा हालात की जांच पड़ताल की। तमाम वहां उपस्थित अधिकारियों ने दोनों पक्षों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इसको लेकर आज शांति समिति की बैठक हुई है। उक्त मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए एफ एस एल की टीम को भी बुलाया गया। कुछ फिरकापरस्त सांप्रदायिक ताकतें उन्माद भड़काने की असफल कोशिश की, लेकिन सजग जनता और सेवा में तत्पर पुलिस की प्रयास एवं सतर्कता से उत्पन्न स्थिति पर पूर्ण काबू पा लिया गया है। दीपू की मौत से पत्नी व छोटे बच्चों रो- रोकर हालत बेहाल : दीपू की मौत की खबर संपूर्ण इलाके में दावानल की तरह फैल गई। मृत दीपू की पत्नी अनुजा देवी, बच्चें और पिता प्रदीप लाल का रो-रोकर बहुत बुरा हाल है। दीपू अपने पीछे पांच नाबालिग बेटियां,एक पुत्र और एक पत्नी छोड़ कर अलविदा हो गए। महज 10 रुपए के लिए हुए मामूली विवाद एवं उजड़े इस परिवार के सामने अब भरण, पोषण और बच्चों की देखभाल व पढ़ाई – लिखाई का बहुत बड़ा संकट मुंहवाये खड़ी हो गया है। इनकी पारिवारिक और आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है।इधर, नारदीगंज बीडीओ सोनिया ढनढनिया ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते और ढाढस बंधाते हुए राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत तत्काल 20 हजार रूपये की मात्र सहायता राशि उपलब्ध कराने की बातें कही है। मामला बेहद पेचीदा और काफी संवेदनशील, संगीन व सनसनीखेज़ है।