अम्बा में सरकारी भूमि पर बने महल के लिए जिम्मेवार कौन ?


अम्बा संवाद सूत्र ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा


औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा प्रखंड मुख्यालय अम्बा में केशरे हिंदी के भूमि के अलावा अन्य क़िस्म के सरकारी भूमि पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर बड़े बड़े मक़ान और दुकान यहां तक कि होटल/रेस्टोरेंट चला रहे हैं। लेकिन इस अतिक्रमणकारियों पर न तो स्थानीय साशन -प्रशासन का नज़र है और नहीं जनप्रतिनिधियों को। बताते चलें कि स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने का स्वांग रचा जाता रहा है लेकिन सच्चाई यह है कि अतिक्रमण के नाम पर केवल छोटे छोटे दुकानदारों और पटरी पर ठेले खोमचे वालों को ही निशाना बनाया जाता है और उजाड़ा जाता है। लेकिन उन मकानों, रेस्टोरेंट/ होटल को कभी भी अतिक्रमण अभियान में ख़रोंच तक नहीं आया आख़िर क्यों? यह सवाल अम्बा बाजार में छोटे छोटे दुकानदारों फुटपाथ दुकानदारों तथा पटरी पर सजाने वाले दुकानदारों का साशन -प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से है। दबे आवाज से ये लोग बताते हैं कि राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक ऊंची पैठ और संरंक्षण के वज़ह से ऐसे लोगों पर अतिक्रमण हटाव अभियान का असर नहीं पड़ता है। स्थानीय ब्यवसायिक रंजन शर्मा ने बताया कि अम्बा बाजार में आय दिन लग रहे जाम का मुख्य कारण सरकारी जमीन को स्थायी रुप से अतिक्रमण होना और प्रशासन के सामने मुख्य सड़क पर ही टेम्पु बाइक और बड़े बड़े सवारी को रुकना मुख्य कारण है।