अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात सामाचार सेवा
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में औरंगाबाद स्थित कोचिंग संस्थान विराट क्लासेज शाहपुर औरंगाबाद में, पॉक्सो अधिनियम के तहत माननीय बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना द्वारा दिये गये निर्देष का अनुपालन सुनिष्चित करने हेतु नालसा (जागृति) योजना, 2025 के तहत एक वृहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया


गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कानूनी साक्षरता को संस्थागत रूप देना और हाशिये पर पड़े समुदाय को सशक्त बनाना है। इस हेतु पॉक्सो अधिनियम के तहत संवेदीकरण कार्यक्रम जिसके अन्तर्गत सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हुए इसे सफल बनाया गया है। इस कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता श्रीमती स्नेहलता, श्री सतीष कुमार स्नेही, कानूनी प्रतिरक्षा प्रणाली के उपमुख्य बचाव अधिवक्ता श्री अभिनन्दन कुमार एवं पारा विधिक स्वयं सेवक विकास कुमार पाठक अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाया गया है। इस महती कार्यक्रम में बिराट क्लासेज के निर्देशक श्री अमित कुमार का सहयोग सराहनीय रहा। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षित बचपन ही एक उन्नत और खूशहाल राष्ट्र की नींव रखता है। जब हम बच्चों को एक भयमुक्त, स्वथ्य और सुरक्षित वातावरण देते हैं, तभी एक सशक्त समाज का निर्माण होता है। पैनल अधिवक्ताओं ने कहा कि बच्चे किसी भी देश का भविष्य होते हैं। एक सुंदर कल का निर्माण करने के लिए आज के बच्चों को सुरक्षित और खुशहाल होना बेहद जरूरी है। जिस प्रकार एक मजबूत इमारत के लिए उसकी नींव का मजबूत होना आवश्यक है, ठीक उसी प्रकार एक समृद्ध समाज के लिए सुरक्षित बचपन का होना अनिवार्य है। वक्ताओं ने सुरक्षित बचपन का अर्थ समझाते हुए कहा कि सुरक्षित बचपन का मतलब केवल बच्चों को छत और भोजन देना नहीं है इसका व्यापक अर्थ है जिसके अर्न्तगत भयमुक्त वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहत्तर स्वास्थ्य और पोषण, शोषण से मुक्ति जैसे विषयों पर गहन चिन्तन और उसका पालन किया जाना आवश्यक है। बचपन को सुरक्षित बनाना केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेवारी नहीं है बल्कि यह हम पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है। जब हर बच्चा सुरक्षित, शिक्षित और स्वस्थ्य होगा, तभी हमारा देश प्रगति की नई उचाईयों को छूयेगा। इसलिए सामूहिक रूप से संकल्प दिलाते हुए कहा गया कि किसी भी बच्चे का बचपन अंधकार में न जाए, क्योंकि सुरक्षित बचपन में ही सुरक्षित भविष्य की चमक छिपी है।

