नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट
नवादा जिले के अंतर्गत पकरीबरावां प्रखंड के धमौल थाने क्षेत्र के धरहरा गांव में दिल दहला देने वाली और मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज मामला दावानल की तरह सामने प्रकाश में नाव की तरह तैरने लगा। यह कैसी विडंबना और हास्यास्पद है कि जो संवेदनशील व सजग समाज के समक्ष यह एक यक्ष प्रश्न मुंहवाये खड़ी है। सभ्य सुसंकृत,सजग समाज के मुंह पर करारा तमाचा नहीं तो और क्या है ? विदित हो कि एक पतित पिता ने अपनी ही सगे शादीशुदा बेटी की गला दबाके निर्ममतापूर्वक मौत के घाट उतार दिया।और,शव को ठिकाने लगाने एवं साक्ष्य को मिटाने खातिर बेटी की शव को नदी किनारे मिट्टी में गाड़ दिया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतिका के पिता बिरजू चौधरी,मां लखिया देवी और भाई जितेंद्र चौधरी को धर से दबोच लिया है।गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मृतिका की पहचान हत्यारे बिरजू चौधरी की पुत्री 20 वर्षीय नंदनी कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी शादी 2 वर्ष पूर्व ही राजस्थान में हुई थी। बताया जाता है कि वैवाहिक विवाद और गर्भपात के बाद वह पिछले 6 माह से अपने मायके धरहरा गांव में ही रह रही थी।
30 अप्रैल की रात घटना को दिया था अंजाम : – पुलिस द्वारा गहन छानबीन और पूछताछ में आरोपित हत्यारे बाप ने बताया कि वह अपनी बेटी की चाल -चलन से काफी चिंतित और बेहद नाराज़ था। उसके चाल व चरित्रहीनता से अज़ीज़ होकर विगत 30 अप्रैल को मध्य रात में उसने पत्नी व बेटे के साथ मिलकर गला दबाकर नंदनी कुमारी की नृशंस हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने और शव को ठिकाने लगाने के लिए शव को बोरे में भरकर कौड़ीहारी नदी में गाड़ दिया गया था। करीब एक सप्ताह बाद जब लाश पानी के ऊपर नाव की तरह तैरने लगी। उसके बाद पुनः हत्यारे सभी आरोपितों उस लाश को निकाल कर फिर नदी किनारे दूसरी जगह मिट्टी के अंदर गाड़ दिया।
पिछले रविवार को गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रियता दिखाई ,जो रंग लाई।बड़ी सख्ती से पूछताछ की गई। अंततोगत्वा आरोपितों ने अपनी संलिप्तता और क्रूर जुर्म को कबूल कर लिया है।
भाई की निशानदेही पर शव बरामद : – सोमवार सुबह एसडीपीओ,पकरीबरावां सुजय विद्यार्थी, थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार और फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति में मृतिका के भाई जितेंद्र चौधरी के निशानदेही पर शव बरामद किया गया। पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा में भेज दिया गया है। धमौल थाना के परिसर में एक आयोजित प्रेसवार्ता में SDPO सुजय विद्यार्थी ने बताया कि तीनों आरोपी के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य छुपाने जैसी संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस अमानवीय क्रूर दिल दहला देने वाली घटना से पूरे इलाके में भारी विक्षोभ और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। साथ ही आम आवाम ऑनर किलिंग की इस दर्दनाक बेरहमी पर स्तब्ध व अचंभित हैं। पुरुष प्रधान सत्ता की यह चरम परिणति व दुखद परिणाम है। यह कायराना कातिलाना काले कारनामें मानवीयता को सिर्फ़ कलंकित नहीं किया, बल्कि मानवाधिकार, व्यक्ति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर घोर कठोर कुठाराघात है।


