थानाध्यक्ष राहुल राज पर कार्यप्रणाली को ले उठते रहा है सवाल, प्राथमिकी दर्ज करने में विलम्ब पर गुड पुलिसिंग भी सवालों के घेरे में


औरंगाबाद ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा


औरंगाबाद जिले के अम्बा थाना के पूर्व थानाध्यक्ष राहुल राज पर अम्बा थाना कांड संख्या 163/2026 दिनांक 25/9/2026 को दर्ज हो गई। बताते चलें कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी औरंगाबाद के न्यायालय से 15/11/2025 को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश पारित हुआ था। न्यायालय आदेश लगभग 10 माह तक धूल चाटते रहा और न्यायालय प्राथमिकी दर्ज होने का प्रतिक्षा करते रहा। अब सवाल यह उठता है कि क्या जनसाधारण के मामले में भी प्राथमिकी दर्ज करने में पुलिस इसी तरह न्यायालय आदेश को लम्बित रख सकता था या नहीं? जानकारी के अनुसार जनसाधारण लोग कोई घटना नहीं भी करता है तो अनेकों ऐसे मामला प्रकाश में आया है कि पुलिस द्वारा फर्जी मुकदमा वगैर जांच पड़ताल के कर दिया जाता है। बताते चलें कि अम्बा थाना में थानाध्यक्ष राहुल राज जब से पदस्थापित हुए थे उसी समय से उनके कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहा था और यहां तक कि उनके मनमानी और मनमर्जी तथा फर्ज़ी मुकदमा और टेबल वर्क अनुसंधान का शिक़ायत का अनेकों शिकायत भी सरकार तथा पुलिस अधिकारियों तक किया जा रहा था। लेकिन तथा कथित सुशासन और कानून का राज, सबका विकास और सभी को न्याय के दावा के बीच नहीं तो राहुल राज पर कोई कार्रवाई हुई और नहीं कोई उच्चस्तरीय जांच हो सका। लेकिन कहावत है कि बुरा काम का बुरा नतीजा। आखिर राहुल राज पर न्यायालय आदेश पर ही सही लेकिन प्राथमिकी दर्ज उनके विरुद्ध उसी अम्बा थाना में दर्ज हुआ जिस थाना में वे थानेदारी कर रहे थे और गुड़ पुलिसिंग तथा कानून के राज का धज्जी उड़ाते हुए अपना मनमानी एवं मनमर्जी कर रहे थे। राहुल राज के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होना वैसे पुलिस पदाधिकारियों के लिए संकेत है जो अपने आप को कानून समझ कर मनमानी एवं मनमर्जी कर रहे हैं।