औरंगाबाद: अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा
आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल, प्रभावी एवं अधिक से अधिक मामलों के त्वरित निस्तारण का माध्यम बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, औरंगाबाद द्वारा बीमा कंपनियों एवं उनके अधिवक्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, औरंगाबाद की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने की। बैठक में विशेष रूप से मोटर दुर्घटना दावा वाद (MACT) सहित बीमा कंपनियों से संबंधित लंबित मामलों के आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के माध्यम से शीघ्र निस्तारण पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के श्री ज्ञानेन्द्र कुमार के साथ रजनी वल्लभ प्रसाद सिन्हा, अरुण तिवारी, धनंजय कुमार, अरबिंद सिंह सहित विभिन्न बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि एवं उनके अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना प्राथमिकता
सचिव तान्या पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मामलों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि विवादित पक्षकारों को आपसी सहमति के आधार पर त्वरित, सस्ता, सरल एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने बीमा कंपनियों एवं उनके अधिवक्ताओं से अपील की कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक ऐसे मामलों को चिन्हित कर प्रस्तुत किया जाए, जिनमें समझौते की पर्याप्त संभावना है। उन्होंने कहा कि समय पर सकारात्मक पहल होने से दुर्घटना पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को मुआवजा प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब से बचाया जा सकता है। बैठक के दौरान मोटर दुर्घटना दावा मामलों में लंबित मुआवजा दावों, पक्षकारों के साथ समझौते की संभावनाओं, बीमा कंपनियों के प्रस्ताव, अधिकृत प्रतिनिधियों की उपलब्धता तथा लोक अदालत के दिन मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सचिव ने निर्देशित किया कि जिन मामलों में समझौते की संभावना है, उनमें बीमा कंपनियों एवं संबंधित अधिवक्ताओं द्वारा पूर्व स्तर पर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाए, ताकि लोक अदालत के दिन पक्षकारों को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े और अधिक से अधिक मामलों का प्रभावी ढंग से निस्तारण किया जा सके। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में बीमा कंपनियों एवं उनके अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अधिवक्ता पक्षकारों को समझौते की प्रक्रिया, उसके लाभ तथा विवाद के शीघ्र समाधान के संबंध में उचित कानूनी मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं। तान्या पटेल ने कहा कि “लोक अदालत न्यायिक व्यवस्था और समाज के बीच संवाद एवं समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सभी संबंधित पक्ष सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे आएं।” उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रयास है कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आने वाले प्रत्येक पात्र मामले में पक्षकारों को न्यायपूर्ण एवं सम्मानजनक समाधान का अवसर मिले।
*सामूहिक प्रयास से सफल होगी राष्ट्रीय लोक अदालत
बैठक में उपस्थित बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों एवं अधिवक्ताओं ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा अधिक से अधिक उपयुक्त मामलों के निस्तारण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आश्वासन दिया। उपस्थित सदस्यों द्वारा लोक अदालत की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में उपयोगी सुझाव भी दिए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, औरंगाबाद द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर विभिन्न संबंधित विभागों, संस्थानों एवं हितधारकों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लंबित मामलों का आपसी सहमति, सौहार्द और त्वरित न्याय के सिद्धांत पर निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

