बिहार में आखिर कहां है सुशासन और कानून का राज़, दिनदहाड़े हत्या और आगजनी का वे खौफ बारदात


केन्द्रीय न्यूज डेस्क ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा


बिहार में सम्राट युग के आगमन और पूर्व की सरकार के तरह सुशासन और कानून के राज का ढिंढोरा गोदी/ दरबारी मीडिया के माध्यम से पिटा जा रहा है। लेकिन दो -तीन माह के अंदर प्रदेश में जिस तरह से अपराधिक घटनाएं प्रकाश में आया है उससे सुशासन और कानून के राज के दावा पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। राजधानी पटना सहित पुरे प्रदेश अपराधियों के चपेट में है और आए दिन अपहरण, हत्या, महिलाओं के साथ गैंगरेप, छात्राओं के साथ बदसलूकी आदि नाना प्रकार के घटनाओं से प्रदेश में भय और आतंक का मंजर साफ़ दिखाई पड़ रहा है। पिछले दिनों डेहरी-डालमियानगर के नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को औरंगाबाद जिले के धनवती पुल के पास सेवा पथ पर हत्या, फिर रोहतास जिले के दिनारा क्षेत्र के योगिया में किसान अजित तिवारी द्वारा एक मजदूर चन्द्रेश्वर चौधरी को दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या करने और शव को ठिकाने लगाने और फिर ग्रामीणों द्वारा कानून को हाथ में लेने और आरोपित किसान के घर संहित ट्रैक्टर, कार, जेसीबी तथा हार्वेस्टर आदि जलानें की घटना साफ़ जाहिर करता है कि बिहार में सुशासन और कानून के खोखले दावा और गोदी/दरबारी मीडिया के द्वारा प्रचार के अलावे और कुछ भी नहीं है।