थमने का नाम नहीं ले रहा अम्बा थाना का दबंगई, दारोगा भाषा  पल्लवी के कई Audio  recording साक्ष्य के रूप में भेजा गया एसपी को, गुड पुलिसिंग का उड़ रहा धज्जियां

औरंगाबाद ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा

औरंगाबाद जिले के अम्बा थाना में दलालों का सम्राज्य स्थापित है। सुनने और पढ़ने में थोड़ा अटपटा तो लगेगा लेकिन धरातलीय सचाई यही है जो उच्चस्तरीय जांच का विषय है। यदि स्थिति यही रहा तो नियर भविष्य में पीड़ित लोगों द्वारा जन आंदोलन के लिए कभी भी सड़क पर उतर सकते हैं। और इसके लिए जिम्मेवार सरकार और जिला प्रशासन होगा। अम्बा थाना में फर्जी मुकदमों एवं  टेबल वर्क अनुसंधान ( दलाल एवं सफ़ेदपोश तथा कुछ भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारियों के सांठ-गांठ से) का बाढ़ वर्षों से लगा हुआ है। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सख़्त आदेश के बावजूद आरोपितों को नोटिस नहीं भेजा जाता है और मोबाइल फोन से ही तुगलकी फरमान जारी किया जाता है और धमकी भी। ऐसे मामलों का कई Audio recording पुलिस अधीक्षक को भी भेजा गया है। Audio recording का पुष्टि खबर सुप्रभात तो नहीं करता है कि आखिर किस पुलिस पदाधिकारी का Audio recording  है लेकिन पीड़ित बताते हैं कि पुलिस पदाधिकारी भाषा पलवी ( दारोगा ) का है। लेकिन Audio recording का पुष्टि जांचोपरांत प्रकाश में आयेगा कि आखिर सच्चाई क्या है। इतना ही नहीं अम्बा थाना में पदस्थापित और कुछ पुलिस पदाधिकारियों द्वारा मोबाइल फोन पर ही दलालों और बिचौलियों तथा सफ़ेदपोश सड़क छाप के इशारे पर थाना में बुलाये जाने का शिक़ायत पुलिस अधीक्षक तथा आईजी मगध प्रक्षेत्र से लिखित आवेदन भेज कर करने का जानकारी प्राप्त हुई है। भेजे गए आवेदन पत्रों का छाया प्रति और Audio recording मिडिया को भी जारी किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गुड पुलिसिंग और पुलिस के कार्य शैली पर क्या प्रश्न चिन्ह खड़ा नहीं होता है?  आखिर कुछ दरबारी ( गोदी) मिडिया के भरोसे कब तक प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संचालित होते रहेगा अम्बा थाना और कब-तक दमन का शिकार होते रहेंगे आम गरीब व असहाय ग्रामीण? ऐसे में यदि वरीय पुलिस पदाधिकारियों से शिक़ायत करने के बावजूद भी समय रहते  बेलगाम हो चुके कुछ पुलिस पदाधिकारियों पर जांचोपरांत कारवाई नहीं होगा और पिडीत असहाय और गरीबों को न्याय के बदले फर्जी मुकदमा और टेबल वर्क अनुसंधान के मार झेलने के लिए मजबूर और लचार बनाया जायेगा तो फिर अमन और शांति कब तक स्थापित रहेगा यह एक गंभीर मामला है और इसके लिए आम बहस की जरूरत है। साथ ही अम्बा थाना में नये पदस्थापित थानाध्यक्ष के सामने बिचौलियों तथा सफ़ेदपोश सड़क छाप लोगों तथा भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों से निपटना एक महत्वपूर्ण जिम्मेवारी है और आम लोगों को आशा और उम्मीद भी। अब देखना यह है कि नये पदस्थापित थानाध्यक्ष आम लोगों के आशा और उम्मीद पर किस हद तक खरा उतरने में सफ़ल होंगे?