जिला शिक्षा पदाधिकारी व सहायक पर प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु डीएम को लिखा पत्र, जदयू महासचिव ने भी जताये  चिंता, बोले – भ्रष्टाचार व अपराध बर्दाश्त नहीं


औरंगाबाद ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा


कुटुम्बा प्रखंड अंतर्गत परता निवासी आलोक कुमार ने औरंगाबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह एवं उनके कार्यालय में पदस्थापित सहायक रवि कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का मांग जिलाधिकारी को पत्र लिखकर किये हैं। पत्र में उल्लेख है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सूचना अधिकार कानून के तहत सूचना उपलब्ध नहीं कराना यह साबित करता है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर

रामाकांत सिंह, जदयू जिला महासचिव

सिंह व उनके कार्यालय में पदस्थापित सहायक रवि कुमार द्वारा फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित शिक्षिका को बचाने तथा सरकारी राशि को चुना लगाने का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है। आलोक ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि या तो जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह व सहायक रवि कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया जाये या फिर मुझे आदेश दिया जाये ताकि संबंधित थाना अथवा न्यायालय में मैं प्राथमिकी दर्ज करा सकें। पत्र में ज़िक्र किया गया है कि रवि कुमार यह स्वीकार करते हैं कि जिलाधिकारी से सूचना उपलब्ध कराने का आदेश मिला है लेकिन यह मेरा क्षेत्राधिकार से बाहर है।जब पुछा गया कि क्या जिलाधिकारी के आदेश से आप उपर हैं तो जवाब मिलता है कि आप इसे जो समझें लेकिन मेरे क्षेत्राधिकार से बाहर है। अब सवाल यह उठना लाजिमी है कि यदि सचमुच में जिलाधिकारी का आदेश ग़लत है या फिर जिलाधिकारी द्वारा मामले को जानबूझकर लिंगर बनाया जा रहा है? इस संबंध में जदयू के जिला महासचिव रामाकांत सिंह ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब देश में सूचना का अधिकार कानून लागू है तो समयानुसार सूचना उपलब्ध कराना चाहिए यदि कोई भी अधिकारी समयानुसार सूचना उपलब्ध कराने के बजाय टाल मटोल कर रहे हैं तो ऐसे अधिकारी सरकार को बदनाम करने में लगे हुए हैं। यदि आस्थित यही रहा तो शिक्षा मंत्री व शिक्षा सचिव से भी शिकायत किया जायेगा। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का मिशन भ्रष्टाचार व अपराध के मामले में 0 टरलेंश का है तो फिर भ्रष्टाचार और अपराध को संरक्षण देने वालों को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है।