पत्रकारों को अब खबर कभरेज से रोकना पड़ेगा महंगा, बी एन एस की गंभीर धाराओं में होगा मुकदमा दर्ज


सुनील कुमार सिंह खबर सुप्रभात समाचार सेवा


पत्रकार लोकतंत्र के चौथा स्तंभ होते हैं । देश – दुनिया में घट रही घटनाऐं की सच से आम जनमानस को अवगत करानें का काम एक स्वतंत्र तथा निपपक्ष पत्रकारिता ही कराती है । एक सच्ची पत्रकारिता समाज को आईना दिखानें का काम है । तभी तो कहा जाता है – – ” न तीर निकालो, और न तलवार निकालो । जब सामनें खड़ी हो तोप, तो अखबार निकालो “।
खबर संकलन के क्रम में प्रिंट मिडिया / इलेक्ट्रोनिक मिडिया / स्वतंत्र यू – ट्यूबर/ पोर्टल पर खबर चलाने वाले पत्रकारों के साथ आये दिन बदसलुकी की घटनाऐं घटीत होते रहती है । कभी कभरेज से रोका जाता है तो कभी गाली – गलौज करते हुए कैमरे तोड़ दिए जाते हैं । यहाँ तक कि कभी – कभी तो हाँथापायी की नौबत भी आन पड़ती है । कभी बड़े अपराधी – माफिया द्वारा शुरू में प्रलोभन देकर खबर प्रकाशन पर मनाही किया जाता है, अन्यथा कोई अनहोनी करदेनें, झुठा केस में फँसाने की घमकी भी मिलती रहती है ।
इतना सब कष्ट सहनें के बाद भी केबल सच दिखाने की जुनून का नशा एक पत्रकार के सर चढ़कर बोलता रहता है । अंजाम जो होगा, देखा जायेगा – मुझे तो समाज को केवल सच का आईना दिखाना है, आईना दिखाना है ।
भारत सरकार नें एक जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता ( IPC ) को समाप्त कर पुरे देश में भारतीय न्याय संहिता ( B N S ) 2023 को पूर्ण रूप से लागु कर चुकी है। अब यदि कोई पत्रकार को जनहित का खबर कभरेज से रोकता हो, फोटो या विड़ियो बनानें से रोकता हो, धमकाता हो, प्रलोभन देता हो या कैमरा छिननें का कुत्सित प्रयाश करता हो तो, शिकायत मिलने पर उस व्यक्ति या व्यक्ति समूहों पर B N S की नई धाराओं के तहत कारवाई सुनिश्चित होगी ।