औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
औरंगाबाद जिले में इन दिनों अपराधियों द्वारा अपराधिक घटनाओं का अंज़ाम बेखौफ होकर दिया जा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अपराधियों का तांडव शिर चढ़कर बोल रहा है तथा पुलिस प्रशासन को चुनौती अपराधियों द्वारा दिया जा रहा है। सोमवार को कुटुम्बा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग युवती के साथ गैंगरेप की घटना न

सिर्फ मानवता को शर्मशार किया है बल्कि पुलिस के कार्य शैली और पुलिस पेट्रोलिंग के दावे पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। तथा यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि क्या जिले में पुलिस का खौफ अब अपराधियों पर नहीं रहा? हला की जानकारी के अनुसार घटना में संलिप्त तीन दरिंदो में दो को पुलिस गिरफ्तार करने में सफल हुई है और एक को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। लेकिन सिर्फ गिरफ्तार कर लेने से नहीं सवाल यह है कि आखिर पुलिस का खौफ अपराधियों पर रहता तो शायद इस तरह का जघन्य अपराध करने का दुस्साहस अपराधियों को नहीं होता। बताते चलें कि औरंगाबाद जिले मुख्यालय में पिछले दिनों एक शव बरामद हुआ था और उसी रात वास्तु बिहार कालोनी में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सह कुटुम्बा के पूर्व विधायक राजेश राम के घर के अलावा तीन घरों में भीषण चोरी की घटना, कुछ ही दिन पहले बारुण थाना क्षेत्र अंतर्गत सोन नहर के सेवा पथ पर धनवती पुल के पास डिहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के अपराधियों द्वारा हत्या आदि कई घटनाओं ने यह साबित कर रहा है कि जिले में इन दिनों विधि ब्यवस्था बेकाबू हो चुकी है और पुलिस का खौफ अपराधियों पर नहीं होने से जिलावासियों में भय असुरक्षा और आतंक का माहौल क़ायम हो चुका है।और जिले में कोई भी व्यक्ति सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है।
