24 घंटे से हो रही बारिश से मदनपुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त, चरमराई बिजली ब्यवस्था

मदनपुर से सुनील कुमार सिंह की रिपोर्ट


28 अगस्त को पूर्णिमा (शुकवार ) को रक्षाबंधन का त्यौहार समाप्त होते ही भादो माह की शुरुआत हो गयी । शनिवार को सबकुछ सामान्य रहा । रविवार की संध्या 7.00 बजे से 9:30 बजे रात्री तक मुसलाधार बारिश हुई | उसके बाद से कभी हल्की तो कभी तेज तो कभी रुक -रुककर रविवार की पुरी रात, सोमवार को पुरा दिन वारीश हो ही रही है। चारो तरफ पानी ही पानी दिख रहा है । ऐसा लग रहा है कि इलाके के पुरा खेत कोई नदी में समा गया हो। तभी तो लोग यह कह रहे हैं कि – सावन से भादवे दुबर । रविवार की रात्री में 2:30 घंटा जो मुसलाधार बारीश हुई है, वह कई वर्षों के बाद देखने को मिला है। अगर वर्षापात के आंकड़ो को देखा जाय तो वीते रात का सबसे अधिक होगा ।
सवसे मजेदार बात तो यह है कि शनिवार की पुरी रात, रविवार को आधा दिन एवं पुरी रात, सोमवार का पुरी दिन बिजली रानी का मदनपुर क्षेत्र में हुआ ही नहीं। सिर्फ पंखा हिला और गायव । ‘भुक से आना और फुक से जाना ‘ – – यही है मदनपुर की बिजली व्यवस्था । कोई सुननें वाला नहीं । पुछनें पर कहा जाता है गर्मी में लोड़ अधिक होनें से बिजली में कटौती की जाती है और बरसात में वर्षा – आँधी से कहीं 3 3 00 0 का जर्जर तार है टुट ना जाय, इसलिए लाईन उपर से ही काट दिया जाता है। इसलिए गर्मी – बरसात में थोड़ा कष्ट रहेगा ।जाड़ा के दिनों में खुब लाईन रहेगा, गर्मी – बरसात की कमी खुब पंखा का हवा खाकर पुरा कर लिजियेगा । अब सवाल उठना लाजिमी है – जब जरूरत है तो मिलता ही नहीं, नहीं जरूरत है तो खुब मिलेगा । क्या यही है सुशासन सरकार की बिजली व्यवस्था ।