अम्बा में दो दिनों से लग रहा भीषण जाम, चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था, आखिर जाम से कब मिलेगा अम्बा को निजात?

अम्बा (औरंगाबाद ) अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा

अंबा बाजार एवं आसपास के क्षेत्रों में विगत दो दिनों से लगातार लग रहे भीषण जाम ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जाम की स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि एक ओर अंबा से बभंडी फील्ड तक तथा दूसरी ओर दक्षिण दिशा में एरका कॉलोनी तक वाहनों की लंबी कतारें लग जा रही हैं। घंटों तक सड़क पर फंसे रहने को मजबूर आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चे, महिलाएं, मरीज एवं यात्री सबसे अधिक परेशान हैं।


स्थिति का सबसे गंभीर असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। विद्यालयों की छुट्टी लगभग 1:30 बजे होने के बावजूद बच्चे अपने घर 4 बजे या उससे भी देर से पहुंच रहे हैं। छोटे-छोटे, विशेषकर 5–6 वर्ष के बच्चे, घंटों तक वाहनों में फंसे रहने के कारण परेशान और व्याकुल हो जाते हैं। कई बच्चों को भूख, गर्मी और लंबे समय तक जाम में फंसे रहने की परेशानी झेलनी पड़ रही है।
महिलाओं और अन्य यात्रियों की स्थिति भी अत्यंत दयनीय बनी हुई है। लंबे समय तक वाहनों में फंसे रहने के कारण महिलाएं मजबूर होकर गाड़ियों से उतरकर इधर-उधर टहलती नजर आती हैं। सबसे दुखद स्थिति यह है कि अंबा जैसे महत्वपूर्ण बाजार क्षेत्र में आज तक सार्वजनिक शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिसके कारण घंटों जाम में फंसे यात्रियों, महिलाओं और बच्चों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
विगत दो दिनों से जाम की स्थिति सुबह से लेकर देर रात तक बनी हुई है। कई बार रात 9–10 बजे तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। इस दौरान एंबुलेंस एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन लगातार सायरन बजाते हुए जाम में फंसे रहते हैं। किसी गंभीर मरीज या आपात स्थिति में यह समस्या जानलेवा भी साबित हो सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अंबा की वर्षों पुरानी जाम की समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा? समय-समय पर आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस और स्थायी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। न तो अपेक्षित रूप से जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर जा रहा है और न ही प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी स्थायी समाधान किया जा सका है।
अंबा की जनता का कहना है कि अब केवल अस्थायी कार्रवाई या आश्वासन से काम नहीं चलेगा। जाम की समस्या का स्थायी और ठोस समाधान आवश्यक है। प्रशासन को यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण, भारी वाहनों की आवाजाही तथा वैकल्पिक मार्ग सहित सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाना चाहिए।
अजय पांडेय एवं समस्त ग्रामीण जनता, अंबा ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि अंबा में लगातार बढ़ती जाम की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए और अंबा की जनता को इस गंभीर समस्या से स्थायी निजात दिलाई जाए।
अंबा की जनता को अब केवल आश्वासन नहीं, जाम से स्थायी समाधान चाहिए।