नई शिक्षा नीति तभी सफल होगी, जब शिक्षक-विद्यार्थी मिलकर करें प्रयास

मदनपुर से सुनील कुमार सिंह की रिपोर्ट

पिरवां स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय, मदनपुर में शुक्रवार को प्रथम वर्ष के स्नातक विद्यार्थियों के लिए ‘इंडक्शन एंड एक्वेंटेंस प्रोग्राम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, नई शिक्षा नीति तथा उच्च शिक्षा की संभावनाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि किशोरी सिन्हा महिला महाविद्यालय, औरंगाबाद के पूर्व प्राचार्य डॉ. अरूणजय कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नई शिक्षा नीति के विभिन्न पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति तभी प्रभावी और सफल हो सकती है, जब शिक्षक और विद्यार्थी परस्पर सहयोग एवं साहचर्य की भावना के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थियों से मनोयोगपूर्वक अध्ययन करने तथा शिक्षा को केवल परीक्षा तक सीमित न रखते हुए अपने व्यक्तित्व एवं भविष्य के निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमित राहुल ने विद्यार्थियों को उन्नत शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीण परिवेश में रहते हुए भी समय-प्रबंधन और नियमित अध्ययन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने की संभावनाओं पर सारगर्भित विचार रखे। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधन सफलता के मार्ग में बाधा नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, समय का सदुपयोग और निरंतर प्रयास विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य तक पहुंचा सकते हैं। महाविद्यालय के बर्सर डॉ. रामेश्वर प्रजापति ने नई शिक्षा नीति के प्रमुख आधारों—पहुंच, समानता, गुणवत्ता, वहनीयता और जवाबदेही—पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ कौशलयुक्त और रोजगारोन्मुख बनाने पर भी बल देती है। परिसर के शिक्षक एवं इंटरमीडिएट के प्राचार्य प्रवीण कुमार मिश्रा ने नई शिक्षा नीति को ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प से जोड़ते हुए इसे वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के माध्यम से अपने व्यक्तिगत विकास के साथ राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों डॉ. मनीष कुमार, डॉ. रंजन कुमार, डॉ. किरण कुमारी, पीयूष कुमार, डॉ. नीतीश कुमार, डॉ. निभा कुमारी, डॉ. नेहा, डॉ. निधि सिंह, डॉ. अमित कुमार एवं डॉ. संजीत कुमार ने भी नई शिक्षा नीति, उच्च शिक्षा की बदलती प्रकृति तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक जिम्मेदारियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के एकाउंटेंट आलोक कुमार और एम. टी. एस. अखिलेश सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. निधि सिंह ने किया। अंत में डॉ. संजीत कुमार एवं डॉ. अमित कुमार ने संयुक्त रूप से धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और मुख्य अतिथि, प्राचार्य, शिक्षकों, अभिभावकों तथा उपस्थित छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।