नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट
नवादा जिले के अंतर्गत वारसलीगंज प्रखंड के हाजीपुर ग्राम पंचायत के आधे दर्जन वार्डों के नलजल की स्थिति काफी दयनीय,बदतर व जी का जंजाल बन गया है। कभी मोटर ही जल जाने के कारण तो कभी पाईप में ही खराबी के चलते आम लोगों को सिंचाई की बातें तो दूर रही ,पेयजल की भयंकर घोर संकट से जूझना पड़ रहा है।
ज्ञात हो कि हाजीपुर ग्राम पंचायत के मिल्की,खाजपुरा, चूल्हाय बिगहा आदि गांवों के गरीबों को पेयजल के लिए किल्लत झेलनी पड़ रही है,तो वहीं पर किसानों की कृषि पर जबर्दस्त प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जहां गरीब,मजदूर व किसान पानी के लिए परेशान ही नहीं बल्कि काफी व्यग्र हैं। वहीं, तथाकथित सुशासन और कानून की राज वाली डबल ईंजन की सिर्फ फेंकू सरकार के द्वारा डंका तथा ढोल पीटे जाने या विश्वगुरु बनने की मात्र नकली दुहाई देने की पोल को खोल कर पूरी व बुरी से बेनकाब हो चुका है।
विदित हो कि दो माह के ही उत्पन्न पानी की किल्लत एवं संकट से जूझ रहे उस पंचायत में मिल्की गांव के पीड़ित सभी ग्रामीणों की आखिरकार सब्र की बांध टूटकर जबाव दे गया एवं आक्रोशित ग्रामीणों ने यह उत्पन्न कृत्रिम संकट के विरुद्ध एकजुट होकर सड़क पर उतर कर जाम कर दिया। ताजुब तो यह है कि ग्रामीण महिलाओं ने इस आंदोलन के अग्रिम कतार में सोमवार को बाघी-बरडीहा व बरबीघा पथ एसएच-83 पथ पर मिल्की गांव के पास सड़क जाम कर दिया और पानी दो के गगन भेदी नारों से पूरे गांव व इलाके गुंजायमान हो उठा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब दो महीने से प्रशासनिक लापरवाही का भेंट चढ़ कर नलजल योजना ठप व निष्क्रिय है। इसके लिए दोषी कौन हैं ? पानी के लिए पीड़ित ग्रामीण या प्रशासन से जुड़े लापरवाह अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि ? इसे के चलते ही पंचायत के आधे से अधिक वार्ड के लोगों के घरों में आज एक बूंद भी पानी नहीं आ रहा है। सिर्फ पानी के लिए पीड़ित ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधि को फोन से सूचना दी गई, मगर कोई भी सार्थक सुनवाई एवं कारवाई नहीं हुई। यह कैसी विडंबना है कि जनता की जिंदगी से जुड़े सबसे अहम पानी की किल्लत को दूर करने की मामले पर इन बहरों के कानों पर तनीकों सा ना जूं तक रेंग रहा है। पानी की किल्लत से सबसे ज्यादा परेशानी दलित बस्तियों के गरीब लोगों को है। यहां के पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि इस बस्ती में एक भी चालू हैंडपंप या चापाकल नहीं है। विभाग की घोर लापरवाही के कारण नलजल बंद होने के बाद उन्हें रोजमर्रा घरेलू काज के लिए इस इक्कीसवीं सदी में भी बहुत दूर से पानी लाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि हाजीपुर पंचायत के वार्ड संख्या : 1,5,8,9,11 और 12 के लोग पेयजल के लिए जूझ रहे हैं। पानी पीने से लेकर तो खाना बनाने तक के लिए भी काफी संकटपूर्ण मुश्किल घड़ी के शिकार हैं।पानी बिना जिंदा नहीं रहने के कारण मजबूरी में पैदल चल कर काफी दूर से पानी लाने के लिए लाचार हैं। यह निरंकुश सरकार की पूर्व प्रायोजित कृत्रिम उत्पन्न संकट है। सरकार कुंभकर्णी निंद्रा में मस्त व आम जनता हैं त्रस्त।
*सड़क जाम से हुआ दो घंटे तक आवागमन प्रभावित * : पेयजल की घोर संकट के मद्देनजर पीड़ितों के बीच उत्पन्न अंतर्निहित अंतर्विरोध जनाक्रोश में सड़क जाम होने से बाघी – बरडीहा -बरबीघा पथ पर सड़क के दोनों किनारे वाहनों का लम्हड़ कतारें की जमघट लग गई। तकरीबन दो घंटों तक जाम के चलते सड़क आवागमन पूर्णतः बाधित एवं प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने भी प्रशासन और सरकार को यह खुलेआम दृढ़ता से चेतावनी दे दी है कि जबतक बदतर नल जल योजना दुरुस्त व चालू नहीं होती और साथ ही दलित बस्तियों में चापाकल की शीघ्र व्यवस्था नहीं होगी तो उनका यह शांतिपूर्ण जनतांत्रिक तरीके से आंदोलन धाराप्रवाह क्रमशः लगातार जारी रहेगा।
वहीं,मुखिया प्रतिनिधि बौधू चौधरी ने कहा कि इस अति संवेदनशील मामले को लेकर कई बार पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता से फोन के माध्यम से संपर्क करने का भरसक प्रयास किया,लेकिन दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि अधिकारी फ़ोन तक भी नहीं उठाते हैं। विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी इस समस्या का स्थाई समाधान कब करेंगे,यह आज सबसे बड़ा सवाल है ? दो माह से पानी के लिए तरस व तड़प रहे पीड़ित ग्रामीणों की सुध आखिर क्यों नहीं ली जा रही है ? और अगर सुध ली भी जायगी तो क्या उन्हें कब्रगाह में जाने के बाद ?
बताते चलें कि इस बाबत काफ़ी जद्दोजेहद के बाद ही पीएचईडी के सहायक अभियंता सत्य प्रकाश ने बताया कि मिल्की गांव में बार बार मोटर जल जाने के कारण स्थानीय लोगों को लोगों काफी परेशानियों का सामना करने के लिए नाकोचना चबाना पड़ रहा है। ग्रामीणों की ओर से नया मोटर लगाने के साथ ही नए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग लगातार कर रहे हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी ने कहा कि उच्च अधिकारी से अनुमति लेकर मंगलवार को जले मोटर को बदल दिया जाएगा। अधिकारी के आश्वासन पर बड़ी मुश्किल से दो घंटे से ज्यादा समय तक सड़क जाम से आमलोगों और प्रशासनिक अधिकारी को राहत मिली।


