पटना संवाद सूत्र ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा
बिहार में शराबबंदी कानून शक्ति से लागू रहेगा। राष्ट्रीय समाजिक एवं आर्थिक अनुसंधान परिषद के उस ब्यान आने की शराबबंदी कानून का जो लक्ष्य था वह हासिल नहीं हो रहा है तथा नशीले दवा और अवैध शाराब का कारोबार बढ़ा है। साथ ही राज्य को भारी आर्थिक नुकसान होने के वज़ह से विकास प्रभावित हुआ है। इतना ही नहीं महिलाओं पर घरेलू हिंसा घटने के बजाय बढ़ोतरी हुआ है। केन्द्रीय मंत्री तथा हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से०) के ब्यान की बिहार में गुजरात माडल के तर्ज़ पर शराबबंदी कानून होना चाहिए के जवाब में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि चिल्लाते रहें लेकिन शराबबंदी कानून में कोई छेड़छाड़ नहीं होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शराबबंदी कानून वापस लेकर महिलाओं को नाराज़ होने का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं साथ ही उन्हें यह भी भय सता रहा है कि जिस तरह विधानसभा चुनाव में प्रशान्त किशोर ने शराबबंदी कानून को हटाने का घोषणा किये थे नतीजा उनके पार्टी जन सुराज को भारी हार का सामना करना पड़ा था उस जोखिम को सीएम सम्राट चौधरी उठाना नहीं चाहते हैं।

