राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर अभियोजन पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित

औरंगाबाद: अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा


आगामी 12 सितम्बर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल एवं प्रभावी बनाने तथा अधिकाधिक सुलहनीय वादों के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद  राजीव रंजन कुमार की अध्यक्षता में अभियोजन पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।


बैठक में जिला अभियोजन पदाधिकारी श्री दीपक कुमार सिन्हा, सहायक अभियोजन पदाधिकारी श्री संजय सिंह सहित अन्य अभियोजन पदाधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की सचिव श्रीमती तान्या पटेल की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।
बैठक में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक सुलहनीय एवं समझौते योग्य वादों के निष्पादन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा अभियोजन पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसे सभी वादों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए, जिनका विधि के प्रावधानों के अंतर्गत सुलह अथवा समझौते के माध्यम से निष्पादन किया जा सकता है।  प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि जिन सुलहनीय प्रकृति के वादों में अभी तक आरोप-पत्र समर्पित नहीं किया गया है, उनमें अनावश्यक विलंब न करते हुए संबंधित अनुसंधान पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र आरोप-पत्र समर्पित कराया जाए, ताकि ऐसे मामलों को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में सूचीबद्ध कराकर विधि के अनुरूप उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अभियोजन पदाधिकारी अपने-अपने स्तर से लंबित सुलहनीय वादों की समीक्षा करते हुए ऐसे मामलों की सूची तैयार करें तथा संबंधित न्यायालयों एवं अनुसंधान पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए केवल अधिकाधिक वादों को चिन्हित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पक्षकारों तक पहुंच बनाना, उन्हें सुलह एवं समझौते के लाभों से अवगत कराना तथा संबंधित विभागों एवं न्यायालयों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना भी आवश्यक है।
सचिव महोदया ने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायिक पदाधिकारियों, अभियोजन पदाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, संबंधित विभागों एवं अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय एवं बैठकें आयोजित की जा रही हैं। अधिकाधिक सुलहनीय वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के समक्ष लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है तथा पक्षकारों को जागरूक करने हेतु व्यापक स्तर पर विधिक जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार अभियान भी चलाया जा रहा है।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों से अपील की कि वे अपने स्तर से लंबित सुलहनीय वादों की पहचान कर राष्ट्रीय लोक अदालत की निर्धारित तिथि से पूर्व आवश्यक प्रक्रियाओं को पूर्ण कराना सुनिश्चित करें, जिससे अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन संभव हो सके।
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिकाधिक मामलों के निष्पादन से न्यायालयों में लंबित वादों की संख्या कम करने के साथ-साथ पक्षकारों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी। अंत में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा सभी अभियोजन पदाधिकारियों से राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु सक्रिय सहयोग एवं प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया तथा सुलहनीय वादों की पहचान, आरोप-पत्र के शीघ्र समर्पण एवं संबंधित पक्षकारों के साथ समन्वय स्थापित कर अधिकाधिक मामलों के निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।