छात्रा के अपहरण की कोशिश में दो गिरफ्तार

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट

नवादा जिले के साथ आज संपूर्ण दुनिया और खासकर बिहार में हत्या,लूट व बलात्कार का तो तांडव जग जाहिर मचा हुआ है। कहने को तो डबल ईंजन की सरकार में सुशासन और कानून की राज की डंकाभले ही बलजोरी बजा रही है। अपने मुँह मियां मिठ्ठू चाहे जितना भी बनने की ये घृणित कृत्रिम नाटक करने की बातफ़रोशी भले ही कर लें,पर अपने निजी स्वार्थ,वोट-कुर्सी के अनैतिक,अनाधिकृत नंगा लोभ,लालच व फेरे में उसी शातिर ज़ालिम अपराधियों के महिमामंडित करने की चक्कर में रातदिन एड़ी-चोटी एक करने के बड़े चक्कर में बुरी तरह उलझ गए हैं। सरकार के गले में जाकर ऐसा बीचोबीच जा फंसी है कि ना तो अब ये उगलने में बन रहा है और नहीं तो निगलने में। सम्राट चौधरी उर्फ़ बुलडोजर व इनकाउंटर बाबा के राज में निःसंदेह हत्या,लूट,बलात्कार की बाढ़ उमड़ चुकी है। इसी का जीता जागता सच कटु व कड़वा उदाहरण नवादा के एक छात्रा की अपहरण जैसी जुड़ी दिनदहाड़े दिल दहला देने वाली घृणित कुकर्म के संदर्भ में एक तथ्यपरक निम्न प्रमाणिक प्रमाण प्रस्तुत करने की भरसक कोशिश कर रहा हूं। यह परिपूर्ण नहीं तो शून्य भी नहीं है।ज्ञात हो कि जिले के कौआकोल के एक गांव के नाबालिग छात्रा को टैंपो में जबरन बैठाकर अगवा करने की अमानुषिक कुकृत्य की गई। रास्ते में अपहृत छात्रा के जबर्दस्त शोर मचाने पर वहां के उपस्थित ग्रामीणों ने एकजुट होकर एक स्वर से गाढ़ी कुंभकर्णी निंद्रा में सोई पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने सिर्फ खानापूर्ति के लिहाज़ से अपने चहते मुख्य मुखबिरों की दलाली व मदद से घेराबंदी कर दो अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया गया है,जबकि रेंकी कर रहा मुख मुखबिरी में साथ देने वाले पुलिस संरक्षित अपराधी अपने बाइक छोड़कर वहां से राम मंदिर के सरकारी डाकुओं के सरगना सम्पत राय की ही तरफ चम्पत हो गए आपराधिक घटनाओं में सभी संलिप्त आरोपितों की पहचान जमुई के देवलाताड़ गड़ही के निवासी मो. दिलशाद और मो. अजहरुद्दीन के रूप में हुई है। बुधवार को कौआकोल स्थित सरकारी स्कूल के ही छात्रा पढ़कर अपने घर लौट रही थी। इसी बीच रास्ते में सम्राट चौधरी के जालिम दरिंदो ने उसे जबर्दस्ती से ऑटो में बैठाया और गड़ही की तरफ ले जाने लगा। ऑटो जब कौआकोल प्रखंड के गुआ घोघरा गांव से गुजरने लगा तो छात्रा ने खूब शोर मचाने लगी। छात्रा की करुण आवाज को सुनकर ग्रामीण वहां दौड़े। लोगों द्वारा घटना की सूचना तत्काल कौआकोल पुलिस को दी गई । पुलिस ने ग्रामीणों के मदद व सहयोग से दोनों दोषी आरोपितों को गिरफ्तार कर अपहृत छात्रा को मुक्त करा लिया गया है। उक्त सूचना पर अपहृत छात्रा के गरीब पिता कौआकोल थाना पहुंचे और घटना की प्राथमिकी दर्ज भी कराई। अब सूबे और आम आवाम में यह एक चर्चा का विषय बन गया है कि सुशासन और कानून की राज की ढिंढोरा पीटने वाली एवं नकली ढाल व आवरण की खाल योढकर घूमने वाली डबल ईंजन की सरकार की नौका उसके ढोंगी पतवार फेंकू मोदी के चलते शीघ्र डूबने वाली है।अब यह सुनहला सुअवसर है कि आप किस दृष्टिकोण से सही या गलत किस पक्ष में खड़े हैं ? इसके लिए हर कोई स्वतंत्र हैं।