सुनील सिंह खबर सुप्रभात सामाचार सेवा
पुरे मदनपुर थानाक्षेत्र में मोहर्रम का त्यौहार परंपरागत शांति पूर्ण वातावरण में मनाया गया । थानाक्षेत्र के ग्राम मदनपुर के शाही मोहल्ला, इस्लामपुर, दर्जी बिगहा, नगमतिया, शिवगंज, टण्डवा, वार, उच्चौली एवं सलैया थाना क्षेत्र के नथु बिगहा में ताजिया बनाया गया तथा इस्लाम के पैरोकार एवं मोहम्मद साहव के माननें वालों नें पहलाम का जुलुश लाठी – डंडे एवं तलवार के साथ निकाले गये। डीजे की धुन पर


मुस्लिम युवाओं नें या अली – या अली, नारे तक दीर के बोल पर खुब उछल – कुद किया । मदनपुर थाना परिसर में नथु बिगहा के ताजिया को प्रथम, मदनपुर को द्वितीय एवं इस्लामपुर को तिसरे पुरस्कार से थानाध्यक्ष राजेश कुमार नें एक सम्मानित राशि देकर ताजिया निर्माण कमिटि का हौसला आफजायी किया। त्रिस्तरीय निर्णायक मंड़ली में बीडीओ अवतुल्य कुमार आर्य, अंचलाधिकारी मो. अकबर हुसैन एवं थानाध्यक्ष राजेश कुमार शामिल थें।
मुहर्रम इस्लामिक कैलेन्डर का पहिला महिना है। यह महिना हजरत मोहम्मद साहब का मक्का से मदीना तिजारत ( पलायन ) से जुड़ा है।यह पर्व मुख्य रूप से कर्वला की यंग में सत्य और न्याय के लिए पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहव के नवासे ( नाती ) एवं परिवार के अन्य 72 सदस्यों की शहादत से भी जुड़ा है। इराक के कर्बला के मैंदान में 680 ई. पूर्व में यह यंग लड़ी गयी थी। यजीद ( एक क्रुर शासक ) नेंअपनें आप को ईस्लाम का खलीफा घोषित कर चुका था, जिसे मोहम्मद साहव के अनुनायियों नें माननें से इनकार कर दिया था । इनका रसद – पानी तक बंद कर दिया । नतीजन दस दिनों तक दोनों में भयंकर युद्ध चला । मोहम्मद साहव के अनुनायी शहादत को प्राप्त हुये । तभी से ईस्लाम के माननें वाले मोहर्रम का त्यौहार मनाते हैं। सिया समुदाय वाले तो दस दिनों तक मातम मनाते हैं। काले कपड़े पहनते हैं।

