औरंगाबाद खबर सुप्रभात समाचार सेवा
सरकार ने 31 मार्च 2026 को घोषणा कर दी है कि देश में अब नक्सलियों को पुरी तरह समाप्त कर दिया गया है। बिहार में भी नक्सलवाद समाप्त हो गया है। देश के गृहमंत्री द्वारा लोकसभा में उक्त घोषणा किया गया है। वैसे भी नक्सलियों का धमक सुनाई नहीं पड़ रहा है। लेकिन

औरंगाबाद जिले के लंगुराही इलाके में एक बार फिर नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया और एक देशी कट्टा तथा पांच जिंदा कारतूस बरामद होने का चर्चा जोरों पर है। यदि लंगुराही इलाके में जंगल में छिपा कर रखे एक देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस बरामद किया गया है तो यह भी एक आश्चर्य का विषय है और चर्चा बना हुआ है कि आखिर बार बार इसी इलाके में हथियार और कारतूस बरामद कैसे हो रहा है? इसका मतलब की अभी भी इन इलाकों से नक्सलवाद का खात्मा नहीं हुआ है। जहां तक देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुआ है तो यह भी विचारणीय सवाल है कि नक्सलियों के पास जहां अत्याधुनिक हथियारों का जखिरा बरामद होता था और अब देशों कट्टा बरामद हो रहे हैं ऐसे में गंभीर विचार करने का विषय अवश्य है। कहां ऐसा तो नहीं कि नक्सलियों का नहीं बल्कि अपराधियों द्वारा उक्त देशी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस छिपाकर रखा गया था? नक्सलियों द्वारा रखा गया था या फिर अपराधियों द्वारा दोनों हालत में चिंता और चर्चा होना लाजिमी है।