भ्रष्ट लोकसेवकों पर निगरानी का नज़र टेंढ, जून तक 80 लोक सेवकों पर होगी प्राथमिकी दर्ज

पटना संवाद सूत्र ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा

बिहार सरकार के निगरानी विभाग ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सरकारी कार्यालयों में काम के बदले रिश्वत लेने वाले भ्रष्ट लोकसेवकों को पकड़ने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक विशेष कैलेंडर तैयार किया है, जिसके तहत इस साल की पहली छमाही यानी जून तक 80 भ्रष्ट सेवकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के तहत

महानिदेशक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार

राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पश्चिम चंपारण (बेतिया) में भी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। निगरानी ब्यूरो के अनुसार इस साल मई महीने तक भ्रष्टाचार के मामलों में 62 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें 25 मई तक 55 अभियुक्तों को निगरानी की टीम ने रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इन भ्रष्ट अधिकारियों के पास से अब तक 24 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है।
निगरानी विभाग की इस तेज गति को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि जून तक की गई कार्रवाई एक नया रिकॉर्ड बना सकती है। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2025 की पहली छमाही में 46 कांड दर्ज हुए थे, जबकि पूरे साल में कुल 122 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं, जिनमें 101 ट्रैप के मामले शामिल थे। उक्त जानकारी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेन्द्र सिंह गंगवार ने मिडिया को जानकारी दी है।