आलोक कुमार के कलम से
बांकीपुर विधानसभा के इस बार उप चुनाव में बांकी पुर के मतदाताओं ने नेताओं का गुब्बारा इस बार निकाल दिया है। सरकार और चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता जागरूकता अभियान का भी इस बार बांकी पुर में असर नहीं रहा। तकरीबन 33प्रतिश वोट का पोलिंग रेट

चिंताजनक तो है ही साथ ही यह दर्शाता है कि नेताओं और सरकार के क्रिया कलापों तथा चाल चरित्र से जनता उब चुकी है। भाजपा ने बांकी पुर में अपने चालीस विधायकों तथा न जाने कितने राज्य व केंद्र सरकार के मंत्रियों के अलावे कार्यकर्ताओं को युद्ध स्तर पर तैयारी में लगाया था। राष्ट्रीय जनता दल भी अपना शक्ति को झोंका और प्रशांत किशोर ने भी अपना बुद्धि विवेक और जनसुराज के शक्तियों को झोंक चुके थे। फीर भी तकरीबन 33प्रतिश मतदान का रेट यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय तो है ही साथ साथ सभी दल के नेताओं का गुब्बारा भी फुट गया है तथा यह संकेत है कि यदि इसी तरह नेता, मंत्री व विधायक, सांसद चुनाव के बाद जनता को छलते रहे और अपना तानाशाही थोपते रहे तो जनता भी उन्हें सबक सिखाना जानती है।

