मां- बेटे को हत्या मामले में आजीवन कारावास की सज्जा मुकर्रर

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट


नवादा जिले के अंतर्गत सिरदला थाना क्षेत्र के महुगांव के निवासी मां व बेटे दोनों को हत्या के जुर्म में जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने कल गुरुवार को आजीवन काराकास के साथ ही अर्थदंड की भी कठोर सजा सुनाई। नवादा जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय उपेंद्र कुमार ने कल गुरुवार को यह सजा जिले के अंतर्गत सिरदला थाना क्षेत्र के अंतर्गत महुगांव निवासी जयमंती देवी व उसके बेटे रंजीत चौधरी को सुनाई। मामला सिरदला कांड संख्या 139/2010 से जुड़ा हुआ है। अपर लोक अभियोजक दीपक कुमार ने अभियोजन पक्ष अदालत में पेश किया। बताते चलें कि जानकारी के मुताबिक कृष्णा चौधरी का बैल अभियुक्त के खेत में घुस कर धान का लगे फसल को खाने लगा।इसी से खार खाए अभियुक्त ने परम्परागत हरबे हथियार से लैश होकर कृषा चौधरी को गाली गलौज करते हुए लहुलुहान अधमरा कर दिया। विदित हो कि ईलाज के दौरान कृष्णा चौधरी की मौत हो गई।उक्त घटना के बाबत मृतक की पत्नी दुलो देवी की ओर से स्थानीय थाना में कांड अंकित किया गया था। यह घटना 08 सितम्बर 2010 की है।उक्त घटित घटिया घटना के तमाम गवाहों द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्य के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय उपेंद्र कुमार ने मां-बेटे दोनों को हत्या के लिए दोषी ठहराते हुए भारतीय दंड विधान की धारा 302/34 के तहत सश्रम आजीवन काराकास की सजा के साथ ही प्रत्येक सजाबार को 5-5 हजार रुपए अर्थदंड की कठोर सजा सुनाई। साथ ही कांड संख्या 307/34 के तहत भी 03 साल का कारावास एवं प्रत्येक को 03 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।इस अदालत ने अन्य धाराओं में एक साल तथा हरेक को एक हजार रुपए की अर्थदंड की सजा सुनाई। इस न्यायालय के न्यायाधीश द्वितीय द्वारा सुनाए गए न्यायोचित फैसले की बड़ी तारीफ हो रही है। यह फैसला मानवता और मानवाधिकार की रक्षा की दृष्टिकोण से बड़े अहम और काबिलेतारिफ है।