बिहार राज्य किसान सभा का जीबी बैठक संपन्न,कृषी संकट को वक्ताओं ने सरकार प्रायोजित कृत्रिम संकट उत्पन्न होने का लगाया आरोप

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट


नवादा जिले में अंतर्गत समाहरणालय के समीप मशहूर बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर भवन,नवादा में आज बिहार राज्य किसान सभा, नवादा जिला परिषद के तत्वाधान में जी. बी. की बैठक का एक विशाल और सफल आयोजन किया गया है। इस ऐतिहासिक प्रशिक्षण अभियान के तहत

आयोजित महत्वपूर्ण बैठक की सफल संचालन के लिए 4 सदस्यीय अध्यक्ष मंडल का गठन सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें 1. गोबिंद प्रसाद 2. उमाकांत सिंह 3. राजेंद्र मांझी व 4. अखिलेश कुमार सिंह।
मंच का संचालन सीपीआइ के जिला सचिव सह टी एस कॉलेज हिसुआ के प्राचार्य का. जय नंदन प्रसाद सिंह ने किया। अपने वक्तव्य में अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का. राजन क्षीर सागर ने कहा कि देश में कृषि संकट कोई आसमान से टपका हुआ अजूबा चीज़ नहीं, बल्कि यह सरकार प्रायोजित कृत्रिम संकट हैं। देश की आर्थिक,वैदेशिक नीतियां जन पक्षीय नहीं है। सरकार की किसान विरोधी नीतियां पूर्णतया साम्राज्यवाद,पूंजीवाद , कॉर्पोरेट परस्त हैं। इसी की खामियाजा यहां के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खेत खाएं गदहा और मार खाएं जोलहा वाली कहावत व्यवहार में लागू कर साबित कर दिया है। इसी लिए किसानों को एकजुट होकर संगठित किसान आंदोलन को तेज करने के लिए दूसरा कोई भी विकल्प या रास्ता नहीं है। का रामचंद्र महतो राज्य सचिव और सीताराम शर्मा राज्य अध्यक्ष द्वय मुख्य किसान नेता ने कहा कि गांव, पंचायत, प्रखंड समेत जिला स्तर पर किसान संगठनों के सांगठनिक सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान प्राथमिकता के बतौर देना पड़ेगा। सरकार की जन व किसान विरोधी नीतियों का जमकर व डटकर जबर्दस्त विरोध दृढ़ता से आगे बढ़ कर करते चलें। अखिल भारतीय किसान सभा के उद्देश्य,लक्ष्य एवं कार्यक्रम निर्विवाद रूप से जन जन तक पहुंचाने में आप सभी यथासंभव तन मन धन से सहयोग करें। नवादा के अमूल्य पौराणिक ऐतिहासिक विरासत एवं धरोहर से शिक्षा लेकर तथा स्वामी सहजानंद सरस्वती की क्रांतिकारी भूमि से किसान आंदोलनों का ऐसा जुझारू व समझौताहीन झंझावात खड़ा कर दे। जो सिर्फ़ बिहार ही नहीं, बल्कि दिल्ली की डबल ईंजन की सरकार सात समंदर पार चला जाएं। बिहार राज्य किसान सभा के नवादा जिला परिषद द्वारा आयोजित जी बी की बैठक की सफलता में सहयोगी भूमिका में मुस्तैदी से खड़े अखिल भारतीय जन नाट्य संघ से जुड़े कई टीम सक्रिय रूप से शामिल थे। इन्होंने अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम से जी बी की सफलता में चार चांद पीरो दिया। बैठक में उपस्थित सभी लोग मंत्रमुग्ध व काफी ग़दगद थे। इपटा के लोकप्रिय कलाकारों ने जनवादी लोक गीतों एवं सक्रिय कार्यकता द्वारा लगाए गए गगनभेदी नारों से पूरे नगर गुंजायमान हो गया।