पन्द्रह दिनों में अपराधिक घटनाओं से दहला नवादा

नवादा से डीके अकेला की रिपोर्ट


तथाकथित सुशासन और कानून की राज वाली डबल ईंजन की सरकार आज पूरे बिहार और खासकर नवादा जिले में 15 दिनों में हत्या लूट व गैंगरेप जैसे जघन्य क्रूर घटनाओं से दहला संपूर्ण जिला। ज्ञात हो कि नवादा जिले में हाल फिलहाल आपराधिक घटनाओं में अप्रत्याशित बेतहाशा वृद्धि हुई है। पिछले मात्र 15 दिनों के अंदर ही हत्या, दुष्कर्म,लूट व चाकूबाजी जैसी संगीन घटित घटिया घटनाओं ने आम आदमी के साथ ही पुलिस प्रशासन की चैन उड़ा कर नींद हराम कर दी है। तकरीबन हरेक दूसरे दिन जिले के अंतर्गत किसी न किसी थाने के क्षेत्र में बड़ी वारदात हो ही जा रही है। रुकने की बातें तो दूर,कमने के बजाय यहां और गुणात्मक वृद्धि हुई है ,जो सीधे तौर पर बिहार पुलिस की जन विरोधी कार्यशैली को आईना दिखाते खुली चुनौती दे रही है। अपराधियों के हिम्मत,दुस्साहस का अब तो आलम यह है कि पुलिस कर्मी भी कहीं से सुरक्षित नहीं, बल्कि शिकार हैं।
यह चर्चित एवं सर्वविदित है कि पिछले दिनों धमौल थाने में कार्यरत चौकीदार जितेंद्र पासवान को थाना के पास चाकू से गोद-गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई। वहीं,कादिरगंज में बालू माफियाओं ने एक अन्य कार्यरत चौकीदार को जबर्दस्त पिटाई से अधमरा कर दिया था। दुस्साहस की चरम पराकाष्ठा तब खुलकर सामने आई जब नारदीगंज में अवैध बालू खनन पर लगाम लगाने हेतु गए एएसआई पर शातिर बालू माफिया ने बालू से लदे ट्रैक्टर को बेधड़क चढ़ा दिया है, जिसका सही उपचार फिलहाल पटना में चल रहा है।
गैंगरेप व हत्या की घटना से फैली सनसनी व कोहराम मचा : जिले के वारसलीगंज प्रखंड के अंतर्गत शाहपुर थाने में एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप ने मानवता, इंसानियत के साथ मानवीय मूल्यों को भी बुरी तरह से बेहद शर्मसार कर दिया।इधर, 21 मई को मिर्जापुर नवादा से लापता नाबालिग हत्या कर लाश को नदी में फेंक देने का सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया था। इसमें मामूली भूमि विवाद में दोस्तों ने नृशंस हत्या कांड का बेरहमी से अमानुषिक अंजाम दिया। जिले के ही नरहट थाना क्षेत्र के छोटी पाली गांव में भूमि विवाद के कारण हुई चाकूबाजी में मामा -भांजे की दुखद मौत हो गई थी। इसके अलावा भी आईटीआई रुढ़की के एक छात्र की आमझर जलप्रपात में मौत
हुई। संदिग्ध हालात में मौत के सात दिन बाद भी यह अभी तक एक पहेली बनी हुई है।
पुलिस के सामने बड़ी व कड़ी चुनौती : पुलिस प्रशासन के नाक के सामने आपराधिक घटनाओं का अंतहीन सिलसिला धड़ल्ले से बेरोकटोक जारी है। कमने या थमने के बजाय एकाएक गुणात्मक वृद्धि से पुलिस की भी नींद उड़ी और चैन हराम हुई है। हालांकि, पुलिस ने इनमें से कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कई नामजद आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन, फिर भी आपराधिक घटनाओं का अंतहीन सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री ने पुलिस को अपराध नियंत्रण के लिए खुली छूट दे दी है। इसके बावजूद भी नवादा में अपराध का बेतहाशा बढ़ता ग्राफ बेहद चिंता का एक अहम विषय है। स्थानीय लोगों का मानना या कहना है कि यहां अपराधियों को जबतक पुलिस का संरक्षण अपराधियो को मिलना बंद नहीं होगा, तब तक आपराधिक घटनाओं पर रोक लग पाना भी असंभव है। जनता की मांग है कि पुलिस को अब शातिर साइबर, बालू, व शराब माफिया एवं अपराधियों के खिलाफ और अधिक सख्त से सख्त कठोर कदम उठाने की तत्काल जरूरत है,ताकी उसमें कानून और वर्दी का भी तो कम से कम ख़ौफ़ पैदा हो सके और आम आवाम के हित के लिए इसे और अधिक व्यवहारिक बनाने की आवश्यकता है, जो निहायत जरूरी और अधिक लाजिमी है।