अम्बुज कुमार खबर सुप्रभात समाचार सेवा
पुलिस अवर निरीक्षक प्रशांत कुमार एवं पुलिस अवर निरीक्षक चंदन दास के द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 74(2) के उल्लंघन पर आफिसियल परिवाद वाद व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में संस्थित होगा, किशोर न्याय बोर्ड औरंगाबाद के प्रधान दंडाधिकारी सह एसिजेएम सुशील प्रसाद सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लिया है अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि आज किशोर न्याय बोर्ड औरंगाबाद के द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि जी आर -472/18,जेजेबी 120/25, नगर थाना -93/18 से सम्बंधित विधि विरूद्ध किशोर के वाद में तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार, जांचकर्ता चंदन दास के द्वारा चरित्र प्रमाण पत्र और पासपोर्ट सत्यापन में जे जे एक्ट के विरुद्ध प्रतिवेदन समर्पित कर धारा 74(2)का उल्लघंन किया गया है फलस्वरूप सम्यक जांचोपरांत दोनों पुलिस अधिकारी के विरुद्ध अफिसियल परिवाद वाद संस्थित करने हेतु आवश्यक समस्त दस्तावेज मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी औरंगाबाद के न्यायालय में भेजने का आदेश कार्यलय लिपिक को दिया गया है अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने आगे बताया कि बालकों के किसी भी अभिलेख में किशोर न्याय बोर्ड के वाद का उल्लेख नहीं होने का किशोर न्याय अधिनियम में उल्लेख है तथा अपर पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग बिहार ने पत्रांक 127/2000 में ऐसा स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी विधि विरूद्ध किशोर के वाद का जिक्र किशोर न्याय बोर्ड से बाहर न करें।

