मदनपुर से सुनील कुमार सिंह की रीपोर्ट
वर्तमान समय में निजी अस्पतालों में ईलाज करानें में भारी – भरकम रकम खर्च करना पड़ता है । नतीजन गरीब एवं मध्यम वर्ग साधारण बिमारी का ईलाज करानें के लिए सरकारी अस्पताल का रुख कर रहे हैं। यहाँ मात्र दो रुपया काउन्टर पर जमा कराकर नम्बर लगा कर बेहतर

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चिकित्सकों से ईलाज हो जाता है । साथ ही दवाईयाँ भी मुफ्त में मिल जाती है। नदनपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इस दिशा में मिल का पत्थर सावित होता दिख रहा है। यहाँ ओपीडी में रोज 150 से 180 मरीजों का ईलाज हो रहा है । साथ ही प्रसूति विभाग द्वारा तकरीबन रोज दस बच्चों की नार्मल डिलि भरी सफलतापूर्वक करायी जा रही है। सवसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग सं 19 के किनारे अवस्थित होनें के चलते बाहत दुर्धटना के केस भी बराबर आते रहते हैं । ऐसे दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को आवश्यक जीवन रक्षक ईलाज करनें के उपरान्त बेहतर ईलाज हेतु सदर अस्पताल औरंगाबाद, मगध मेडिकल कॉलेज गयाजी, नारायणा मेडिकल कॉलेज जमुआर भेज दिया जाता है । नतीजन बहुतायत मरीजों का जीवन समय पर सही ईलाज मिल जानें से बचायी जा रही है।
