मंडल कारा अधीक्षक ने जेल में हो रहे लूट से जाहिर किये अनभिज्ञता, माकपा ने जिला प्रशासन को दिया चेतावनी


औरंगाबाद  खबर सुप्रभात समाचार सेवा


औरंगाबाद मंडल कारा में बंदियों को मिलने वाले आहार में लूट और इंस्पेक्टर राज स्थापित होने के विरुद्ध माकपा के जिला सचिव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है तथा पत्र के प्रति माकपा राज्य सचिव को भी भेजा है। पत्र में उल्लेख है कि बंदियों को मिलने वाले सरकारी फाइलों पर घटिया भोजन,चाय व नासत्ता परोसा जा रहा है। तथा बंदियों को

मिलने वाले दुध से नाना प्रकार के मिठाई व चाय बनाकर कैंटीन में बेचा जा रहा है। प्रतिबंधित खैनी (तम्बाकू ) का भी बिक्री ऊंची दामों पर किया जा रहा है। बंदियों को डराने-धमकाने के उद्देश्य से भय व आतंक का माहौल क़ायम कर दिया गया है ताकि बंदियों द्वारा शिक़ायत अथवा विरोध नहीं किया जा सके। ऐसे में बंदियों द्वारा विरोध अथवा शिकायत करना अपने आप को सुरक्षित नहीं समझते है। माकपा जिला सचिव ने जिलाधिकारी को पत्र में उल्लेखित आरोपों पर अभी भी क़ायम है और उच्चस्तरीय जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई के बदले यदि लिपापोती का खेल जारी रहा तो पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन के लिए बाध्य होंगी और इसके लिए जिम्मेवार जेल अधीक्षक और जिला प्रशासन होगा। इधर जेल अधीक्षक डॉ दीपक कुमार ने पुछे जाने पर कहे कि मेरे संज्ञान में ऐसा कोई शिक़ायत नहीं है। अब सवाल यह उठता है कि जब जेल में बंदियों के साथ नाइंसाफी हो रहा है और इसकी जानकारी जेल अधीक्षक को नहीं होना यह दर्शाता है कि या तो जेल अधीक्षक के मिली भगत से सब-कुछ हो रहा है या फिर वे लापरवाह अधिकारी हैं। जेल से बाहर आने वाले बंदियों द्वारा जेल में गड़बड़ी और बंदियों का आहार लूटने तथा भय और आतंक स्थापित होने का आरोप लगाते हैं तथा जेल अधीक्षक डॉ दीपक कुमार और उनके द्वारा पोषित पारित चाटुकार (दलाल) बंदियों के सांठ-गांठ से सब-कुछ होने का आरोप मिडिया के कैमरा में लगाते हुए कहा कि वार्डों के बरामदे में लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज प्रबल गवाह है।