मंत्री हटा है, गन्दगी नहीं : सीपीआई

पटना संवाद सूत्र ख़बर सुप्रभात समाचार सेवा


आजादी के बाद के सबसे बड़े छात्र आंदोलन के 37 वें दिन आंदोलन की ऐतिहासिक जीत हुयी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उक्त बात शेखपुरा जिला सीपीआई कार्यालय मे हो रहे प्रेस वार्ता में कहा पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य इरफान अहमद फातमी । उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक घटना के लिए सभी आंदोलनकारी छात्र एवं युवा बधाई के पात्र हैं।
पर इस इस्तीफे से मसले का पटाक्षेप होने के बजाय इसने अनेक सवालों का पिटारा खोल दिया है। मंत्री के हटने मात्र से क्या शिक्षा प्रणाली की वे खामियाँ दूर हो जायेंगी जिसने सारे समाज को व्यथित कर रखा है, और जिससे पीड़ित छात्र युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। कारपोरेटी तंत्र ने इसे व्यापार बना कर रख दिया है। एक तरफ निजी शिक्षण संस्थानों के मालिक करोड़ों करोड़ कमा रहे हैं, वहीं गरीब और आम आदमी की पहुंच से वह पूरी तरह बाहर जा चुकी है। हजारों विद्यालय बन्द किये जा चुके हैं और अन्य कई पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है। पेपरलीक और परीक्षा प्रणाली में धांधली से छात्र व्यथित हैं। नई शिक्षा नीति के तहत विभाजन और सांम्प्रदायिकता को बढ़ावा देने के लिए पाठ्यक्रमों में भारी उलट पुलट की गयी है। यह सारी गंदगी शिक्षा प्रणाली में आमूल चूल परिवर्तन कर, उसका बजट बढ़ा कर, उसे रोजगारोंमुख बना कर साफ की जा सकती है।
ये कार्य एक प्रगतिशील लोकतान्त्रिक और दृढ इच्छाशक्ति वाली सरकार ही कर सकती है। मौजूदा सरकार इस श्रेणी में नहीं आती।
इन पंक्तियों के लिखते वक्त काकरोच पार्टी आंदोलन के विसर्जन की घोषणा कर रही है, पर क्या आंदोलन खत्म होगा। शायद नहीं।
यद्यपि पेपरलीककांड इस आंदोलन का प्रतीक बन गया था,
इरफान अहमद फातमी ने स्पष्ट कहा कि उसके पीछे उन अनेक सुलगते सवालों की ऊष्मा काम कर रही है जो आज भी मुंह बाएं खड़े हैं। चंदा चोरी, महंगाई, भ्रष्टाचार, किसानों मजदूरों की बदहाली, मनरेगा, उपजों के दाम, घाटे की खेती, पुलिसिया दमन, बुलडोजर संस्कृति, कानून और संविधान की अवहेलना, प्रतिरोध की आवाज को दबाना आदि अनेक सवाल हैं जो देश और समाज को मथ रहे हैं। अतएव यह काकरोच ब्रांड आंदोलन का स्थगन है, छात्र युवा जन आंदोलन का नहीं। सवाल खड़े हैं तो आवाज भी उठेगी ही।
भाकपा जिला सचिव प्रभात कुमार पांडेय ने कहा कि केंद्र की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के बदलाव अब जरूरी हो गया है इसीलिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने दिल्ली में 1 सितंबर को एक विराट जन रैली का आयोजन किया है।
इसकी तैयारी संपूर्ण देशभर में राष्ट्रव्यापी पदयात्रा कार्यक्रम रखी गई है वहीं शेखपुरा जिले में भी 6 अगस्त से 15 अगस्त तक पदयात्रा किया जाएगा जिसकी शुरुआत पर बरबीघा अंचल से किया जा रहा है। जिला सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 अगस्त को शेखपुरा शेखपुरा से आनंद विहार दिल्ली के लिए हजारों किसान मजदूर छात्र नौजवान एवं महिलाएं प्रस्थान करेंगे। जिसकी तैयारी जिले के सभी अंचल बैठक और शाखों की बैठक भी की जा रही है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा पर शेखपुरा जिला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के तरफ से छात्र-नौजवानों के संघर्ष ,आंदोलन व बलिदान की जीत कहां है।